
छिंदवाड़ा / बिछुआ. पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में एक ग्रमीण का शव क्षतविक्षत अवस्था में पड़ा हुआ पाया गया. सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि अक्सर यहां बाघ की मूवमेंट बनी रहती है. इसलिए इस घटना को बाध के हमले से जोड़कर देखा जा रहा है. डिप्टी रेंजर प्रशांत घोरमारे से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सुरेवानी, तहसील बिछुआ निवासी फागलाल पिता सुालाल धुर्वे 8 जुलाई को मवेशी चराने के लिए पेंच नेशनल पार्क की बफर क्षेत्र के जंगल गया था इसी दौरान अचानक वन्यप्राणी ने उस पर हमला कर दिया. घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही वन अमला एवं पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और पंचनामा सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बिछुआ भेजा गया. घटना के बाद सुरेवानी सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से बफर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाघों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जंगल में जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है. वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं तथा बफर क्षेत्र में मवेशी चराने के दौरान विशेष सावधानी बरतें. अधिकारियों के अनुसार घटना की विस्तृत जांच की जा रही है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बाघ के द्वारा शिकार करने की आशंका ०००००
जानकारी के अनुसार ग्राम सुर्रेवानी निवासी फागलाल धुर्वे पिता सुखलाल धुर्वे 8 जुलाई को मवेशी चराने जंगल गए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा तो परिजनों द्वारा वनविभाग को सूचना दिए जाने पर आज की सुबह लगभग 8 बजे वन विभाग ने खमारपानी बफर क्षेत्र के कोकीवाड़ा बीट में सर्च अभियान शुरू किया. सर्चिंग के दौरान सुबह करीब 11 बजे कोकीवाड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1495 में फागलाल धुर्वे का शव बरामद हुआ. घटनास्थल पर पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के क्षेत्र संचालक, सहायक वन संरक्षक (छिंदवाड़ा), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), वन परिक्षेत्र अधिकारी खमारपानी (बफर), तहसीलदार बिछुआ तथा थाना प्रभारी बिछुआ सहित संबंधित अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे. घटना को देखकर अशंका जताई जा रही है कि मृतक फागलाल धुर्वे पर बाघ ने हमला कर अपना शिकार बनाया है.
अब तक हो चुकी छह मौतें ००००००
पेंच टाइगर रिजर्व के बिछुआ क्षेत्र के वफर जोन में अक्सर बाघ ओर तेदुए की मूवमेंट बनी रहती है. वन्यप्राणी के हमले से अब तक छह मौतें हो चुकी है. जिसमें किशनपुर, कुंभपानी, बिछुआ सहित अन्य क्षेत्र शामिल है. इस क्षेत्रों में अक्सर आए दिन बाध देखा जा रहा था. ऐसे में विभाग को यहां ग्रामीणों के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना चाहिए. जिससे इस तरह की धटनाएं न दोहराई जा सके.
