नेशनल लोक अदालत में 1521 लंबित एवं 219 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण, 5.25 करोड़ के अवार्ड

देवास। जिले में शनिवार को आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति और राजीनामे के माध्यम से 1521 लंबित प्रकरणों तथा 219 प्रिलिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। निराकृत लंबित मामलों में कुल 5 करोड़ 25 लाख 52 हजार 163 रुपए के अवार्ड पारित हुए। इनमें 5 करोड़ 24 लाख 4 हजार 107 रुपए के अवार्ड आपसी समझौते के आधार पर हुए।

नेशनल लोक अदालत में चेक बाउंस के 210 प्रकरणों का निराकरण हुआ, जिनमें 4 करोड़ 79 लाख 82 हजार 929 रुपए की चेक राशि का सेटलमेंट किया गया। इसके अलावा मोटर दुर्घटना, विद्युत, आपराधिक, सिविल, श्रम, ट्रैफिक चालान सहित विभिन्न मामलों का भी समाधान हुआ।

30 परिवारों में फिर लौटी खुशियां-

परिवार न्यायालय में लोक अदालत के दौरान 93 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें 30 दंपतियों के पारिवारिक विवादों को समझाइश और आपसी सहमति से सुलझाया गया। विवाद खत्म होने के बाद 30 दंपती ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी-खुशी अपने घर लौटे। यह दृश्य लोक अदालत की भावना—‘विवाद का अंत, संबंधों की पुनः शुरुआत’—को साकार करता नजर आया।

35 खंडपीठों में हुई सुनवाई-

देवास सहित सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द और बागली में कुल 35 न्यायिक खंडपीठों के माध्यम से लोक अदालत आयोजित की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कपिल मेहता ने न्यायिक खंडपीठों का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का जायजा लिया।

न्यायालय को मिली समर्पित एंबुलेंस-

जनसहयोग से न्यायालय परिसर के लिए एक समर्पित एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई। न्यायाधीशों ने 51 हजार रुपए और कर्मचारियों ने 24 हजार 100 रुपए का सहयोग दिया। एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे और यह सेवा न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के लिए नि:शुल्क रहेगी।

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