मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर चीनी मीडिया की प्रतिक्रिया, ग्लोबल टाइम्स ने बताया ‘विश्वास निर्माण का नया चरण’

नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन इस समय पूरी दुनिया के ध्यान का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका से लेकर यूरोपीय देशों के प्रमुख अखबारों में इसे लेकर तरह-तरह की समीक्षाएं सामने आ रही हैं। चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सम्मेलन उच्च गुणवत्ता वाले और व्यापक सहयोग की दिशा तय करने में पूरी तरह सफल रहा है।

मोदी-जिनपिंग की ऐतिहासिक बैठक

समिट से इतर पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को नए मुकाम पर पहुंचाया है। यह लगातार तीसरा साल है जब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने बातचीत हुई है — इससे पहले 2024 में कजान और 2025 में तियानजिन में अहम बैठकें हो चुकी हैं।

पेकिंग यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ वांग शू के मुताबिक कजान बैठक को द्विपक्षीय संबंधों में निर्णायक मोड़ कहा जा सकता है, जबकि तियानजिन बैठक ने रिश्तों को पटरी पर लाने में भूमिका निभाई थी। अब नई दिल्ली की मुलाकात को ‘विश्वास निर्माण के नए चरण’ के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका मकसद रणनीतिक सहमति को ठोस नतीजों में बदलना है।

सीमा प्रबंधन से सीधी उड़ानों तक सुधार

रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन समझौते, सीमावर्ती व्यापार की बहाली, सीधी उड़ानों की वापसी और नागरिकों के बीच बढ़ता संपर्क — ये सभी रिश्तों में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक विश्वास ठोस कदमों से ही मजबूत होता है, इसलिए सीमा विवाद प्रबंधन के लिए संस्थागत तंत्र मजबूत करना और व्यापार में सुरक्षा को लेकर अति-सतर्कता से बचना जरूरी होगा।

वैश्विक मंचों पर सहयोग की संभावना

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वैश्विक शासन सुधार, जलवायु परिवर्तन और विकास वित्तपोषण जैसे मुद्दों पर भारत-चीन के पास BRICS, SCO और G20 जैसे मंचों के जरिए मिलकर काम करने की बड़ी संभावनाएं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जितना अधिक सहयोग बढ़ेगा, आपसी मतभेदों का असर उतना ही कम होगा।

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