
इंदौर. शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा शनिवार को जोन क्रमांक 7 एवं 8 के अंतर्गत विभिन्न प्रमुख ट्रैफिक कंजेशन प्वाइंट्स का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान आयुक्त चौराहों पर यातायात के दबाव, वाहनों की आवाजाही तथा लेफ्ट टर्न में बाधक निर्माण एवं अन्य अवरोधों का जायजा लिया.
निगमायुक्त ने जोन क्रमांक 7 एव 8 अंतर्गत रोबोट चौराहा, सत्य साईं चौराहा, स्कीम नंबर 54 चौराहा एवं भमोरी चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया गया. रोबोट चौराहे पर यातायात के बढ़ते दबाव एवं वाहनों की आवाजाही को दृष्टिगत रखते हुए आयुक्त ने लेफ्ट टर्न को चौड़ा करने तथा आवश्यक इंजीनियरिंग सुधार कार्य कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए. उन्होंने कहा कि चौराहों पर यातायात का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं. निरीक्षण के दौरान सड़क के कुछ स्थानों पर डामर की स्थिति खराब पाए जाने पर आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार को डीएलपी के अंतर्गत आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए. साथ ही सड़क निर्माण एवं रखरखाव की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए. आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख ट्रैफिक कंजेशन प्वाइंट्स का सतत सर्वेक्षण कर उन्हें चिन्हित किया जाए तथा आवश्यकतानुसार सिविल, सड़क एवं यातायात सुधार संबंधी कार्य प्राथमिकता से किए जाएं. उन्होंने कहा कि चौराहों पर लेफ्ट टर्न सुगम बनाने, अनावश्यक अवरोध हटाने तथा सड़क की स्थिति बेहतर रखने से नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी. निरीक्षण के अवसर पर जोनल अधिकारी प्रकाश नागर, सुनील जादौन, नियंत्रणकर्ता अधिकारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी, उपयंत्री, सीएसआई सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.
पॉइंट चिन्हित कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाी करें
इसके पश्चात आयुक्त ने जोन क्रमांक 7 अंतर्गत सत्य साईं चौराहा, स्कीम नंबर 54 चौराहा, किंग्स डेयरी चौराहा एवं भमोरी चौराहा का निरीक्षण किया गया। इन स्थानों पर सुगम यातायात एवं व्यवस्थित लेफ्ट टर्न के लिए बाधक निर्माण एवं अन्य अवरोधों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यातायात को बाधित करने वाले सभी प्वाइंट्स को चिन्हित करते हुए नियमानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
