भोपाल। वरिष्ठ दिवंगत आईपीएस अधिकारी विजय रमन के जीवन और पुलिस सेवा के अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘खाकी वर्दी का योद्धा’ का शनिवार को दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में विमोचन किया गया। पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया, मध्यप्रदेश के तत्वावधान में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा मौजूद रहे।
इस अवसर पर मकवाणा ने विजय रमन के व्यक्तित्व और सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि वे ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, स्पष्टवादिता, नेतृत्व क्षमता और टीम के प्रति सम्मान के प्रेरक उदाहरण थे। उन्होंने कहा कि विजय रमन कई पीढ़ियों के पुलिस अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत रहे।
विजय रमन ने अपने दीर्घ सेवाकाल में चंबल में डकैत विरोधी अभियान, बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में सेवाएं तथा बीएसएफ, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। एसपीजी में रहते हुए उन्होंने चार प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में भी जिम्मेदारी संभाली।
मकवाणा ने कहा कि विजय रमन हमेशा चुनौतियों का सामना आगे रहकर करते थे और व्यक्तिगत हित से अधिक कर्तव्य, संस्था तथा टीम को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने पुस्तक को महज जीवनी नहीं, बल्कि पुलिस सेवा के चुनौतीपूर्ण दौर, अभियानों और व्यावहारिक एवं मानवीय अनुभवों का दस्तावेज बताया।
विजय रमन की पत्नी वीना रमन और परिवार के सदस्यों ने उनके जीवन एवं सेवा से जुड़े संस्मरण साझा किए। समारोह में कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
