
देवास। सतवास के पुनासा रोड स्थित पुनर्वास क्षेत्र में 60 वर्षीय महिला की जघन्य हत्या और उसकी बेटी पर जानलेवा हमले की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने से पहले दो विधि से संघर्षरत बालकों ने इलाके में दो-तीन बार रेकी की थी। CCTV फुटेज में उनकी गतिविधियां कैद हुईं, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को जोड़ते हुए दोनों तक पहुंच बनाई।
10 सितंबर को डायल-112 के जरिए पुलिस को सूचना मिली थी कि सतवास के वार्ड क्रमांक 9 में माया पति स्व. अशोक शर्मा और उनकी बेटी रानू पति राकेश शर्मा घर में खून से लथपथ मिली हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल रानू को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए उसे इंदौर भेजा गया।
यहीं से पुलिस के लिए जांच की सबसे अहम कड़ी मिली। घायल बेटी से पुलिस टीम ने घटनाक्रम और संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटाई। दूसरी ओर घटनास्थल पर FSL टीम ने सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी का CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिलान शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों बालकों ने वारदात से पहले महिला के घर और आसपास की दो-तीन बार रेकी की थी। उनका कथित उद्देश्य महिला के गले में पहनी सोने की चेन को लूटना था। चेन लूटने के इरादे से उन्होंने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया। बेटी ने बीच-बचाव किया तो उस पर भी हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
पुलिस ने करीब 8 से 10 लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों के संबंध में मिली जानकारी का सत्यापन किया। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और घायल महिला से प्राप्त तथ्यों को आपस में मिलाने के बाद पुलिस की जांच दोनों बालकों तक पहुंची।
पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर 10-10 ग्राम सोने की चेन के दो टुकड़े, वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन, काले रंग का चाकू कवर, छुर्रा और लोहे का भारी बाट बरामद किया गया।
इस पूरी कार्रवाई में सतवास सहित चार थानों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस ने दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
