नयी दिल्ली, 12 सितंबर (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की नजरों से झुग्गी बस्तियों को पर्दे लगाकर छिपाने को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान गरीबों की बस्तियों को ढकने के बजाय सरकार को उनके पुनर्वास तथा बेहतर आवास की व्यवस्था करनी चाहिए।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 12-13 सितंबर को आयोजित शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर झुग्गी-झोंपड़ी समूहों और कम आय वाले इलाकों को बड़े नीले, सफेद और हरे पर्दों से ढक दिया गया। वसंत विहार के कुली कैंप सहित कई क्षेत्रों में की गयी इस व्यवस्था से वहां रहने वाले लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हुई तथा दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि विश्व नेताओं से गरीबी छिपाने के लिए अस्थायी पर्दे लगाना सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का समाधान नहीं है। वर्ष 2023 के G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी झुग्गियों को पर्दों से ढकने की आलोचना हुई थी।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों के पुनर्वास के बजाय झुग्गियां उजाड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कालकाजी समेत कई क्षेत्रों में झुग्गीवासियों के लिए वहीं फ्लैट बनाने की पहल की थी।
