
नई दिल्ली,18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन की गंभीर भू-राजनीतिक वार्ताओं और बंद कमरों की कूटनीति के बाद, शनिवार शाम को भारत मंडपम का माहौल बेहद भव्य और सांस्कृतिक सौहार्द से सराबोर हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों, वैश्विक नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के सम्मान में भारत मंडपम के लेवल-3 पर एक भव्य गाला डिनर का आयोजन किया, जिसे वैश्विक कूटनीति के गलियारों में भारत की सबसे अनूठी और स्वादिष्ट डिनर डिप्लोमेसी के रूप में देखा जा रहा है.
दिनभर के कूटनीतिक तनाव को कम करने और अनौपचारिक बातचीत का सहज माहौल तैयार करने के लिए आयोजित इस शाम की शुरुआत बेहद सुरीले अंदाज में हुई, जहां सौ से अधिक भारतीय और ब्रिक्स सदस्य देशों के कलाकारों के एक विशाल समूह ने अपनी लाइव संगीतमय प्रस्तुतियां दीं. इन कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक धुनों के जरिए भारत के सांस्कृतिक वैभव और वैश्विक एकजुटता की खूबसूरत मिसाल पेश की, जिसने आयोजन स्थल पर मौजूद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित सभी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
भारत ने इस बार विदेशी मेहमानों को देश के भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वाद से रूबरू कराने के लिए एक बेहद अनूठा मेन्यू तैयार करवाया था, जिसमें देश के हर कोने की चुनिंदा मशहूर और लजीज चीजों को शामिल किया गया था. रात्रिभोज में मेहमानों को उत्तर प्रदेश के मशहूर अवधी गलौटी कबाब और लजीज हैदराबादी बिरयानी परोसी गई, जिसने भारतीय व्यंजनों की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया. इसके साथ ही पारंपरिक स्वादों को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र की कुरकुरी भाकरवड़ी, दिल्ली और राजस्थान की प्रसिद्ध चटपटी कचौड़ियों ने मेहमानों का जायका बदला. मिलेट्स को बढ़ावा देने की भारत की वैश्विक मुहिम के तहत सेहत और पर्यावरण के अनुकूल रागी डोसा को भी इस शाही थाली में विशेष स्थान दिया गया, जबकि कश्मीर के खास मसालेदार अखरोट, पश्चिम बंगाल की कुचो निमकी और भारत के राष्ट्रीय प्रतीक से प्रेरित खास कमल के अर्क से बनी मिठाइयों ने इस राजकीय भोज में मिठास घोलने का काम किया.
कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह डिनर इसलिए भी बेहद खास रहा क्योंकि इसमें किसी तरह का कड़ा प्रोटोकॉल या बंद कमरों का दबाव नहीं था. मुस्कुराते चेहरों के साथ नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत की और द्विपक्षीय मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा को बेहद सहज माहौल में आगे बढ़ाया. इसके साथ ही भारत मंडपम में भारत के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत विशेष स्टॉल भी लगाए गए थे, जहां मेहमानों ने भारत के स्थानीय हस्तशिल्प और नायाब कलाकृतियों को देखा और भारतीय कारीगरी की जमकर सराहना की. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जो मसले अक्सर औपचारिक बैठकों के गंभीर माहौल में नहीं सुलझ पाते, वे ऐसी डिनर डिप्लोमेसी के सहज और दोस्ताना वातावरण में मुस्कुराते हुए सहमति की ओर बढ़ जाते हैं. भारत मंडपम के इस रात्रिभोज में केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सांसदों ने भी उपस्थिति दर्ज की.
