भोपाल। राजधानी में सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध जारी है और 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई होनी है। इसी बीच भोपाल के संभावित मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। करीब 21 साल बाद नए मास्टर प्लान की उम्मीद के बीच हमने भोपाल के लोगों से बात की कि वे शहर में नया मास्टर प्लान चाहते हैं या नहीं।
लोगों ने मास्टर प्लान के पक्ष में राय देते हुए कहा कि इससे शहर का विकास व्यवस्थित होगा, सड़कें चौड़ी होंगी और अवैध कॉलोनियों व अवैध निर्माण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रस्तावित प्लान में करीब 1,017 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 254 गांवों को शामिल करने की बात है। साथ ही मेट्रो कॉरिडोर के आसपास विकास और जमीन के इस्तेमाल को लेकर नए नियम प्रस्तावित हैं।
