ढाका, बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की इस सप्ताह भारत यात्रा की संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दावा किया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए उचित तरीके से आमंत्रित नहीं किया गया था। उनका कहना था कि यदि कोई निमंत्रण मिला भी था, तो वह प्रधानमंत्री के रूप में नहीं बल्कि क्षेत्रीय संगठन बिम्सटेक (BIMSTEC) के अध्यक्ष के रूप में था, जिसके चलते बांग्लादेश सरकार ने इस बहुपक्षीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री की भागीदारी से फिलहाल दूरी बना ली है।
बहुपक्षीय दौरों के बजाय द्विपक्षीय वार्ताओं पर जोर, सही समय आने पर भारत यात्रा की जाएगी तय
बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की पहली विदेश यात्रा किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं होगी, क्योंकि ढाका इस समय द्विपक्षीय दौरों और आपसी चर्चाओं को अधिक प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब दोनों देशों के बीच का माहौल पूरी तरह अनुकूल होगा और आपसी सम्मान पूरी तरह बरकरार रहेगा, तभी द्विपक्षीय यात्राओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार का यह रुख साफ करता है कि बांग्लादेश अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए कूटनीतिक कदम उठा रहा है।
दिसंबर में समाप्त हो रही है गंगा जल बंटवारा संधि, राष्ट्रीय हितों से जुड़े हर मुद्दे पर पूरी गंभीरता से करेगा काम
वर्तमान कूटनीतिक बयानों के बीच भारत और बांग्लादेश के संबंधों में आगामी दिसंबर में समाप्त होने वाली 30 साल पुरानी गंगा जल बंटवारा संधि का मुद्दा भी अहम बना हुआ है। इस संधि और अन्य द्विपक्षीय विषयों पर पूछे गए सवालों के जवाब में ढाका ने दो टूक कहा है कि जहां भी देश के राष्ट्रीय हित शामिल होंगे, वहां पूरी कुशलता और गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा। बांग्लादेश सरकार समय और अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार रूपरेखा तैयार कर रही है।

