
सीधी। सोन नदी बारिश और बाणसागर गेटों से पानी लगातार छोड़े जाने के कारण फिर उफान में आ गई है। सोन नदी के उफान में आने से कोलदहा चुरहट सोन नदी तट के समीप स्थित डेढ़ दशक पुरानी प्रतिमाएं डूब गई हैं। जिले के चुरहट क्षेत्र से बहने वाली सोन नदी पुल से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को प्रशासन ने खतरे की चेतावनी दी है।
चुरहट क्षेत्र से बहने वाली सोन नदी में एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी के बीच करीब 150 साल से स्थापित बजरंगबली और मां दुर्गा की प्राचीन प्रतिमाएं लगभग पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। अब दोनों प्रतिमाओं का सिर्फ छोटा सा हिस्सा ही पानी के ऊपर दिख रहा है। बताया गया है कि जिस जगह ये प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित हैं वहां सामान्य दिनों में पानी घुटनों से ज्यादा नहीं होता था। इस वजह से श्रद्धालु नदी के बीच तक पहुंचकर बजरंगबली और मां दुर्गा के दर्शन करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां लंबे समय से श्रद्धालु आते-जाते रहते थे और रोज पूजा-अर्चना करते थे। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे से सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढऩा शुरू हुआ। कुछ ही समय में पानी प्रतिमाओं के आसपास भर गया और देखते ही देखते दोनों प्रतिमाएं लगभग पूरी तरह पानी में डूब गई। बाढ़ की स्थिति के कारण श्रद्धालु अब नदी में उतरकर दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, वे पुल के ऊपर खड़े होकर ही प्रतिमाओं के दर्शन करने को मजबूर हैं।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
स्थिति को देखते हुए चुरहट तहसीलदार सुषमा रावत ने चेतावनी जारी कर लोगों से नदी और उसके आसपास जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को खासतौर पर चेताया है कि बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में उतरना या किनारे के बेहद करीब जाना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और नदी का जलस्तर कम होने तक किसी भी तरह का जोखिम न लें।
बड़वानी और बिच्छुल नदी जलस्तर बढऩे से उफान पर
लगातार हो रही बारिश के कारण कुसमी क्षेत्र की नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कुसमी की बड़वानी नदी एवं पोड़ी के पास स्थित बिच्छूली नदी उफान पर हैं जिसके चलते दोनों स्थानों से आवागमन प्रभावित हो गया है और मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए कुसमी खंड प्रशासन ने आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति जबरदस्ती अपने वाहन को उफनती नदी में प्रवेश न कराए और पानी कम होने तक सुरक्षित स्थान पर रुककर इंतजार करे।
