
रीवा, लक्ष्मणबाग एवं चिरहुला मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले भण्डारों में अब प्राकृतिक पत्तल, दोने आदि का उपयोग किया जाएगा.सिंगल यूज प्लास्टिक तथा थर्माकोल से निर्मित सामग्रियों थाली, दोने, पत्तल, कप, ग्लास एवं चम्मच के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. कलेक्टर एवं प्रशासक लक्ष्मणबाग संस्थान नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार एसडीएम हुजूर एवं कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मणबाग संस्थान अनुराग तिवारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है. जारी आदेश के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल से निर्मित सामग्री अजैविक होने के कारण मंदिर परिसरों की स्वच्छता को प्रभावित करती है तथा पर्यावरण की दृष्टि से प्रतिकूल है.
इसलिए मंदिर परिसरों में होने वाले सभी प्रसाद वितरण व भण्डारा आयोजनों में प्लास्टिक और थर्माकोल के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है. मंदिरों के पुजारी और प्रबंधन तथा सभी आयोजकों से भण्डारे में केवल पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित विकल्पों का ही उपयोग करने की अपेक्षा की गई है, जिससे इनका आसानी से विनिष्टीकरण हो सके. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. थर्माकोल से निर्मित पत्तल-दोने का ज्यादा उपयोग भंडारे आदि में किया जाता था.
