
इंदौर. प्रातः स्मरणीया, पुण्य श्लोका, इंदौर की महारानी देवी अहिल्या बाई की 231 वीं पुण्यतिथि पर समूचा शहर कृतज्ञ होकर उन्हें याद कर रहा है. 111 वर्षों से पुण्यतिथि समारोह मनाने वाली देवी अहिल्या उत्सव समिति के तत्वावधान में आज दिन भर न्याय की देवी अहिल्या बाई को आदरांजलि देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए.
समिति की अध्यक्ष एवं पूर्व लोक सभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के निर्देशन व सांसद शंकर लालवानी के संयोजन में गांधी हाल से पालकी यात्रा गांधी हाल से निकाली गई. माता की पूजित प्रतिमा को वेदमूर्ति धनंजय शास्त्री, सुमित्रा महाजन, काबीना मंत्री प्रह्लाद पटेल, तुलसी सिलावट व शंकर लालवानी ने देवी की प्रतिमा को पालकी में विराजित किया. इस अवसर पर पुलिस बैंड ने माता को सलामी दी. पालकी यात्रा यहां से राजसी वैभव और लाव लश्कर के साथ प्रारम्भ हुई. केवल इस पालकी यात्रा में शामिल होने वाला झंडासिंह व्यायामशाला एवं मल्हारी मार्तण्ड व्यायामशाला के अखाड़े के कलाकार करतब दिखाते हुए पालकी में शामिल हुए. इसके बाद सिख समाज की गटका पार्टी आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी. बोहरा समाज का परम्परागत बैंड राष्ट्रीय गीतों को बजाते हुए अतिरिक्त उत्साह बिखेर रहा था. पालकी की अगवानी में 100 से अधिक बंगाली महिलाओं ने शंखवादन कर अलग ही अनुभूति प्रदान की. मराठी समाज, सिंधी समाज, वाल्मिकी समाज, बंजारा समाज सहित अन्य कई समाज ने जीवंत झाँकियों के माध्यम से अहिल्या बाई को अभिवादन और नमन किया. होलकर राजाओं के प्रतिरूप स्वरूप 13 युवतियां घोड़े पर सवार होकर होलकर ज़माने के राजसी वैभव का दिग्दर्शन करा रही थी. रात को पालकी यात्रा का समापन गोपाल मंदिर में हुआ. यहां स्वागत के बाद पूजन हुआ एवं महाआरती संपन्न हुई. अंत में प्रसाद वितरण के साथ समापन हुआ।
