ओडिशा पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल-अकाउंट’ नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार

भुवनेश्वर, (वार्ता) ओडिशा पुलिस की साइबर अपराध और आर्थिक अपराध शाखा (सीसी एंड ईओ) ने साइबर माध्यम से किए गये निवेश धोखाधड़ी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों के जरिए भेजने और निकालने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे संगठित ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश शर्मा, सनी बारवे, प्रसन्न कुमार नाग और जुबराज दीप के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बैंक खातों की जानकारी हासिल की और ठगी की रकम को विभिन्न कारोबारी संस्थाओं के नाम पर खोले गए खातों के जरिए भेजा। इनमें समलेश्वरी एंटरप्राइजेज, मां समलेश्वरी एग्रो एंटरप्राइजेज और मां एग्रो एंटरप्राइजेज शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर भेजकर उसका स्रोत छिपाया गया, फिर नकद निकासी की गई और रकम को आगे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।

जांचकर्ताओं को पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क के संचालन के लिए विदेश से संचालित व्हाट्सऐप बिजनेस के वर्चुअल नंबरों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया। इन नंबरों के जरिए बैंक खातों की जानकारी साझा की जाती थी और रकम के हस्तांतरण तथा नकद निकासी के लिए निर्देश दिए जाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, चेक बुक, पासबुक और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने, ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने और ठगी गई राशि बरामद करने के लिए जांच जारी है। पुलिस इसके अंतरराज्यीय संबंधों, वित्तीय लेन-देन के माध्यमों और डिजिटल बुनियादी ढांचे की भी जांच कर रही है।

 

 

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