
छिंदवाड़ा. जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने गुरुवार को शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा केंद्र एवं जनजातीय कार्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने बैठक में बीईओ, बीआरसी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के मुख्यालय में निवास की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास कर विभागीय दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करें। जो अधिकारी मुख्यालय में निवास नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा मुख्यालय में निवास की व्यवस्था होने तक वेतन रोकने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । कलेक्टर ने कक्षा पहली से आठवीं तक कम नामांकन वाले विद्यालयों की जानकारी ली। उन्होंने कम नामांकन वाले विद्यालयों में विशेष ध्यान देते हुए नामांकन बढ़ाने तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान परासिया बीआरसी एवं जुन्नारदेव बीआरसी की अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित बीआरसी के विरुद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
पाठ्यपुस्तक वितरण कार्य की हुई समीक्षा
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि पाठ्यपुस्तक वितरण की स्वयं नियमित मॉनिटरिंग करें तथा यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी आवश्यकतानुसार पूर्ण पाठ्यपुस्तकें समय पर प्राप्त हों। तामिया विकासखंड में पाठ्यपुस्तकों का पूर्ण वितरण नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जब तक विकासखंड में पाठ्यपुस्तकों का पूर्ण वितरण सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक संबंधित बीईओ के वेतन के संबंध में आवश्यक रोक की कार्यवाही की जाए।
95 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
बैठक में विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण में प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विकासखंडों में अपार आईडी एन्ट्री की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी विकासखंडों में कम से कम 95 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
