वाशिंगटन, अमेरिका ने ईरान के विमानन उद्योग के खिलाफ अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक में 36 संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाये हैं।
इन पर ईरान के विमानन नेटवर्क, हथियारों के हस्तांतरण और अवैध खरीद योजनाओं में मदद करने का आरोप है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने बताया कि उसने ईरान की सभी सक्रिय एयरलाइनों के साथ-साथ उन विदेशी बिचौलियों, मुखौटा कंपनियों और अन्य फर्मों को निशाना बनाया है, जो कथित तौर पर ईरान को विमान, विमान के कलपुर्जे और विमानन से जुड़ी तकनीक हासिल करने में मदद कर रही हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी ने कहा कि अमेरिका विभिन्न देशों में ईरान के विमानन क्षेत्र की मदद करने वाली 36 संस्थाओं और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाकर ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ को लागू करना जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का इस्तेमाल ईरानी शासन द्वारा दुनियाभर में प्रसार और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता रहा है।
यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गयी है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त को इस अभियान की घोषणा करते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य वाशिंगटन के अनुसार ईरानी शासन के बचे हुए वित्तीय स्रोतों को काटना है।
श्री बेसेंट ने कहा, “आज हमने उस वादे को पूरा करते हुए उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाये हैं, जो महान एयर का समर्थन करना जारी रखे हुए हैं।” उन्होंने ईरानी विमानन कंपनियों के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा, “आपको वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किये जाने का खतरा है।”
ओएफएसी ने ईरान की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले कार्यकारी आदेश 13902 के तहत 27 ईरानी एयरलाइनों को प्रतिबंधित किया है। बयान के अनुसार, इनमें ईरान एयर टूर, ईरान असेमान एयरलाइंस, किश एयरलाइंस, क्यूशम एयर, साहा एयरलाइंस, सेपहरान एयरलाइंस, वारेश एयरलाइंस, जाग्रोस एयरलाइंस और अन्य कंपनियां शामिल हैं।
अमेरिका ने कहा कि ईरान की वाणिज्यिक विमानन व्यवस्था का इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) और ईरानी शासन के अन्य हिस्सों द्वारा हथियारों, कर्मियों और अवैध माल के परिवहन के लिए किया जाता रहा है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि ताजा कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के विमानन क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और वाणिज्यिक प्रणाली में काम करना लगातार मुश्किल बनाना है।
इन प्रतिबंधों से महान एयर पर भी दबाव बढ़ा है। अमेरिका पहले ही इस एयरलाइन पर आईआरजीसी-कुद्स फोर्स को समर्थन देने और प्रसार तथा आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने का आरोप लगा चुका है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, तीसरे देशों की कंपनियों ने मौजूदा प्रतिबंधों के बावजूद महान एयर को विमान हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने में मदद की है। वित्त मंत्रालय ने आरोप लगाया कि 2026 की गर्मियों में संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से जुड़े मार्गों के जरिये कम से कम तीन बोइंग 777 विमान महान एयर तक पहुंचे। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हस्तांतरणों में बिचौलियों के रूप में काम करने वाली संयुक्त अरब अमीरात और तुर्किये की कंपनियों की पहचान की और महान एयर का समर्थन करने के आरोप में उन पर भी प्रतिबंध लगाये। एक और कदम के तहत ओएफएसी ने ईरान से संबंधित विमानन क्षेत्र के तीन प्राधिकरणों को निलंबित करने की घोषणा की। इनमें कुछ ओवरफ्लाइट की अनुमति देने वाले प्रावधान और गैर-अमेरिकी एयरलाइनों को अमेरिका में निर्मित या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जाने की अनुमति देने वाले प्रावधान भी शामिल हैं।
ओएफएसी ने कहा कि विमानन सुरक्षा से संबंधित अनुरोधों पर अब भी ‘मामले-दर-मामले आधार’ पर विचार किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी कि प्रतिबंध केवल ईरानी एयरलाइनों तक सीमित नहीं हैं। उसने कहा, “प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइनों को सक्षम बनाने वाली किसी भी विदेशी कंपनी या व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” इसमें विमान हस्तांतरण, माल ढुलाई सेवाओं, जनरल सेल्स एजेंट के तौर पर सहयोग और खरीद नेटवर्क में सहायता शामिल है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी मूल के विमानों और विमानन उपकरणों की अंतिम मंजिल छिपाने के लिए मुखौटा कंपनियों और तीसरे देशों के बिचौलियों का इस्तेमाल किया है।
इसी बीच, वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (फिनसेन) ने वित्तीय संस्थानों के लिए एक चेतावनी जारी की, जिसमें ईरान से जुड़े विमानन खरीद नेटवर्क से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों के संकेतों की जानकारी दी गयी है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, ईरानी एयरलाइनों ने यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया में मुखौटा कंपनियों के जरिये विमान, विमान के कलपुर्जे और दोहरे उपयोग वाली तकनीक हासिल की है।वित्तीय संस्थानों से इन खरीद नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की पहचान करने और उनकी रिपोर्ट करने को कहा गया है।
ये कदम ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिका के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा, “ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का उद्देश्य उन राजस्व स्रोतों को काटना है, जिनसे वाशिंगटन के अनुसार ईरानी सरकार और आईआरजीसी को मदद मिलती है। ”
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, ” हम ईरानी शासन के वित्तीय स्रोतों, जिसमें विमानन क्षेत्र भी शामिल है, को बंद करने के अपने अभियान से पीछे नहीं हटेंगे।” अमेरिका ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं से जुड़े लेनदेन को सुविधाजनक बनाने वाली कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को अमेरिकी प्रतिबंधों, नागरिक या आपराधिक दंड और कुछ मामलों में द्वितीयक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। ताजा कार्रवाई ईरान के वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र के खिलाफ वाशिंगटन के अभियान में एक बड़ा कदम है और इससे ईरान के लगभग पूरे बचे हुए विमानन उद्योग पर सीधे अमेरिकी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ सकता है।
