तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना में रेल-खंडों पर पटरियों की संख्या बढ़ाने की परियोजनाओं को मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी

नयी दिल्ली, सरकार ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाने की कुल 540 किलोमीटर लंबी पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी जिन पर कुल अनुमानित लागत 10,021 करोड़ रुपये आयेगी। इन परियोजनाओं में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली अरक्कोनम – रेणिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन ( 77 किलोमीटर ), कर्नाटक में व्हाइटफील्ड – बंगारपेट तीसरी और चौथी लाइन (47 किलोमीटर), तमिलनाडु में होसुर – ओमलूर मार्ग के दोहरीकरण ( 147 किलोमीटर) , तमिलनाडु में सलेम – करूर – डिंडीगुल दोहरीकरण ( 159 किलोमीटर) और तेलंगाना में सिकंदराबाद (घाटकेसर) – काजीपेट बहु-पटरीकरण (110 किलोमीटर) की परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) में लिए गये इन निर्णयों की जानकारी सूचना प्रसारण एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी । इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूरा करने की योजना जिससे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि होगी। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को कवर करने वाली ये पांच परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 540 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। स्वीकृत मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से लगभग 2,121 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 52 लाख है।

श्री वैष्णव ने बताया कि ये परियोजनाएं कुल 11000 किलो मीटर तक फैले सात उच्च व्यस्त रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाने के सरकार की वृहद योजना का हिस्सा हैं। इन में 2000 किलोमीटर रेल मार्गों को चार लेन का बना दिया गया है। 5000 किलोमीटर के मार्गों की परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी हैं। उनपर काम चल रहा है अथवा शुरू हो चुका है। 4000 किलोमीटर मार्ग पर नयी लाइनें विछाने काम चरणबद्ध तरीके से किया जाना है। सीसीईए ने आज ही झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को जोड़ने वाली वाली तीन परियोजनाएं भी शामिल हैं जिनसे मौजूदा रेल नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इनमें खड़गपुर – झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी – पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर) – पेंड्रा रोड के बीच तीसरी लाइन की परियोजना शामिल है। इन तीन परियोजनाओं पर कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
रेल मंत्री ने कहा कि इन रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता बेहतर होगी। ये मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं रेल परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को जोड़ने वाली उपरोक्त पांच परियोजनाओं के चालू होने पर लगभग 2,121 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 52 लाख है। इन मार्गों की क्षमता बढ़ने से तिरुपति, सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर (तिरुत्तानी), श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर (तिरुचानूर), कोटिलिंगेश्वर देवालय, श्री सीथी बैरवेश्वर स्वामी मंदिर, बंगारू तिरुपति, कोलार गोल्ड फील्ड्स, होगेनक्कल जलप्रपात, होसुर किला, मेट्टूर बांध, कोडाइकनाल की पहाड़ियां , सत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्य
, नामक्कल अंजनेयर मंदिर, नामक्कल किला, कल्याण पसुपतीश्वर मंदिर, यादाद्रिगुट्टा मंदिर, भोंगीर किला, सुरेंद्रपुरी और स्वर्णगिरि मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन के महत्व के स्थलों के लिए आवागन की सुविधा भी बढ़ेगी। मंत्री ने बताया कि ये परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लौह एवं इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, खाद्यान्न, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर हैं। क्षमता बढ़ाने के इन कार्यों से अतिरिक्त 4.7 करोड़ टन प्रति वर्ष माल ढुलाई की संभावना है।
उन्होंने कहा कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम है। इसलिए इन परियोजनाओं से देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, लगभग आठ करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी आएगी और लगभग 42 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा जो लगभग दो करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

Next Post

MP में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन खत्म, स्टाइपेंड बढ़कर ₹21,500; लाठीचार्ज मामले में 2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच

Wed Sep 9 , 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश में तीन दिन से चल रहा इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। सरकार ने डॉक्टरों की प्रमुख मांग मानते हुए स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।अब इंटर्न डॉक्टरों को 21 हजार 500 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा। मांगें पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने […]

You May Like