भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित रूप से जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूरे अवैध शराब नेटवर्क की गहन जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।राज्य सरकार को लिखे पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि इस त्रासदी ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों को लेकर शिकायतें और सूचनाएं पहले से मौजूद थीं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने वाणिज्यिक कर एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ स्तर तक जिम्मेदारी तय करने, संदिग्ध शराब को लेकर विभागीय कार्रवाई में कथित विरोधाभासों की निष्पक्ष जांच कराने तथा उत्पादन से लेकर आपूर्ति, परिवहन और बिक्री तक पूरी श्रृंखला की जांच की मांग की।
पटवारी ने मामले के संभावित अंतरराज्यीय संबंधों की भी जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से अवैध शराब सागर पहुंचने की संभावनाओं की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस धंधे से जुड़े लोगों को किसी राजनीतिक संरक्षण की जांच बिना भेदभाव के करने की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। साथ ही मृतकों की सार्वजनिक रूप से प्रमाणित सूची जारी करने, पीड़ितों के समुचित उपचार और आर्थिक सहायता तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने गुजरात और मुरैना में पूर्व में हुई जहरीली शराब त्रासदियों के बाद ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों पर सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की भी मांग की।जीतू पटवारी ने कहा, “मौतों के बाद तबादले कार्रवाई नहीं हैं, निलंबन न्याय नहीं है और सरकारी बयान जवाबदेही नहीं हैं।” उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की मांग की।
