भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने सोमवार को प्रदेश की स्कूली और उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों, खेल सुविधाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नायक ने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने शिक्षकों की भारी कमी, परीक्षाओं और डिग्रियों में देरी तथा भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
नायक ने दावा किया कि प्रदेश के 7,217 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत है, जबकि स्कूलों और विश्वविद्यालयों में करीब 65 प्रतिशत शिक्षण पद रिक्त हैं। उन्होंने पन्ना जिले के पवई विकासखंड के मोहन्द्रा स्थित एक शासकीय कन्या विद्यालय की कथित घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां राजनीति विज्ञान के शिक्षक द्वारा बाजार से खरीदी गई गाइड के माध्यम से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को भौतिकी पढ़ाए जाने की बात सामने आई है।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 463 स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ और शिक्षा एवं खेल संबंधी निधियों के उपयोग पर भी सवाल उठाए। नायक ने 54 निजी विश्वविद्यालयों के संचालन, उपस्थिति, परीक्षाओं और परिणामों को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए।
कांग्रेस नेता स्वतंत्र सिंह चौहान ने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया तथा मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
नायक ने कहा कि इन मुद्दों को 19 सितम्बर को इंदौर में राहुल गांधी की छात्र संवाद पहल के तहत आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
