नई दिल्ली, रसायन और उर्वरक पर संसदीय स्थायी समिति सोमवार को संसद भवन परिसर में तीन महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन कर रही है। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली पहली बैठक में पाहले इंडिया फाउंडेशन (PIF) के प्रतिनिधि किसानों के लिए मिलने वाले भारी सब्सिडी वाले नीम-कोटेड एग्रीकल्चरल यूरिया के प्लाइवुड और एमडीएफ जैसे वुड पैनल उद्योगों में कथित अवैध डायवर्जन पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे, जिसका मुख्य कारण दोनों प्रकार के यूरिया के बीच कीमतों का बड़ा अंतर है।
फर्टिलाइजर सब्सिडी योजनाओं के मूल्यांकन और निगरानी पर होगी ब्रीफिंग
समिति की दूसरी बैठक सुबह 11:30 बजे से होगी, जिसमें रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उर्वरक विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सत्र के दौरान उर्वरक छूट (सब्सिडी) योजनाओं के साथ-साथ फर्टिलाइजर सेक्टर से जुड़ी नई नवाचार (इनोवेशन) योजनाओं के मूल्यांकन और उनकी जमीनी निगरानी की स्थिति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
जेनेरिक बनाम ब्रांडेड दवाओं को लेकर जागरूकता और भरोसे की कमी पर मंथन
दोपहर 2:30 बजे से निर्धारित तीसरी और अंतिम बैठक में फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अधिकारी हिस्सा लेंगे, जिसमें देश में जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के बीच के अंतर, जनता के बीच जागरूकता की कमी और उन पर भरोसे को मजबूत करने से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय यह संसदीय समिति देश की वित्तीय और प्रशासनिक नीतियों को बेहतर बनाने के लिए इन सभी मामलों की गहन समीक्षा कर रही है।

