त्रिशूर, केरल के त्रिशूर जिले में तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस जांच में एक नया और अहम मोड़ आया है। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. हितेश शंकर द्वारा किए गए पोस्टमार्टम और शुरुआती फोरेंसिक जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि हादसे का शिकार हुए सभी छात्र अत्यधिक नशे में थे। पुलिस जांच के मुताबिक, दुर्घटना से ठीक पहले इन छात्रों की थालिकुलम पथमकल्लू इलाके में कुछ स्थानीय लोगों के साथ कहासुनी और मारपीट हो गई थी, जिसके बाद पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए वे अपनी तेज रफ्तार कार को बेकाबू हालत में भगा रहे थे।
मंदिर दर्शन के बाद बार में रुके थे छात्र, रास्तेभर की सीसीटीवी फुटेज जब्त
पुलिस की शुरुआती पड़ताल से सामने आया है कि तमिलनाडु से आया यह छात्रों का समूह केरल घूमने के दौरान पहले गुरुवायूर मंदिर गया था और उसके बाद रास्ते में कई जगहों पर रुककर उन्होंने शराब का सेवन किया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर जब पुलिस हरकत में आई, तो डर के मारे छात्रों ने वाहन को अत्यधिक उच्च गति से कोच्चि की ओर दौड़ाया। पुलिस ने गुरुवायूर से लेकर काइपामंगलम तक के रूट पर बने विभिन्न बार और होटलों के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जब्त कर लिए हैं ताकि उनकी हर गतिविधि का पुख्ता सुराग मिल सके।
खड़े ट्रक से हुई भीषण टक्कर, लॉरी चालक गिरफ्तार और आगे की जांच जारी
यह भयानक हादसा शुक्रवार रात करीब 11:45 बजे कैपामंगलम के पनम्बिकुन्नू सेंटर में हुआ, जहां उनकी अनियंत्रित कार निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर खड़ी एक लॉरी के पिछले हिस्से में जा घुसी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। इस मामले में पुलिस ने बिना किसी चेतावनी या सुरक्षा संकेतों के हाईवे पर अवैध रूप से लॉरी पार्क करने वाले महाराष्ट्र निवासी चालक तुकाराम कांबले को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है, जबकि पुलिस और मोटर वाहन विभाग इस बात की भी संयुक्त जांच कर रहा है कि दुर्घटना में प्रशासनिक और सुरक्षा मानकों की कितनी अनदेखी हुई थी।

