इंदौर: इंदौर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित ऐतिहासिक शास्त्री ब्रिज के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की तैयारियों को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रविवार को करीब एक घंटे तक ब्रिज का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने ब्रिज पर पहुंचकर रेलवे लाइन, ब्रिज की मौजूदा स्थिति और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे.
सतीश कुमार ने ब्रिज पर चढ़कर रेलवे लाइन और ब्रिज से गुजरने वाले यातायात की स्थिति देखी. इसके बाद उन्होंने ब्रिज से उतरते समय लेफ्ट टर्न, रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क और आसपास के मार्गों का निरीक्षण किया. अधिकारियों से प्रस्तावित निर्माण के दौरान आने वाली चुनौतियों और यातायात व्यवस्था को लेकर जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिए कि ब्रिज के निर्माण के दौरान लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पहले से बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था और डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए. इसके बाद चेयरमैन ने शास्त्री ब्रिज के नीचे के हिस्से का भी निरीक्षण किया. लंबे समय से उपयोग में होने के कारण ब्रिज की स्थिति और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसके चौड़ीकरण की योजना पर काम किया जा रहा है. निरीक्षण का उद्देश्य प्रस्तावित कार्य की तैयारियों के साथ ही निर्माण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं की स्थिति को समझना रहा.
वैकल्पिक एलाइनमेंट की भी होगी जांच
रेलवे चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि शास्त्री ब्रिज का चौड़ीकरण बेहद महत्वपूर्ण है और यह क्षेत्र के लोगों की समस्या से जुड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि ब्रिज के निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग और एलाइनमेंट को लेकर भी सुझाव मिले हैं. इन विकल्पों की पूरी जांच कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षेत्र में यातायात को सुचारु बनाए रखने को लेकर भी चर्चा की. उनका कहना था कि ब्रिज के निर्माण के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था इस तरह की जाए, जिससे आवागमन प्रभावित न हो.
पिट लाइन के मुद्दे पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान रेलवे की पिट लाइन से जुड़े मुद्दे पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई. सतीश कुमार ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई है और जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. आवश्यकता पड़ने पर पिट लाइन की व्यवस्था को किसी अन्य स्थान से मैनेज करने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा. शास्त्री ब्रिज के चौड़ीकरण और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं का काम पूरा होने के बाद रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग को भी बेहतर किया जा सकेगा. वर्तमान में स्टेशन के आसपास यातायात दबाव के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में ब्रिज का चौड़ीकरण शहर के यातायात के साथ रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
1953 में बना था शास्त्री ब्रिज
शास्त्री ब्रिज इंदौर के पुराने और महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिजों में शामिल है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह पुल 12 जनवरी 1953 को बनकर तैयार हुआ था. इसका उद्घाटन तत्कालीन परिवहन मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने किया था. उनके सम्मान में ही इस पुल का नाम शास्त्री ब्रिज रखा गया। इसे इंदौर शहर का पहला रेलवे ओवरब्रिज फ्लाईओवर भी बताया जाता है.
