
हटा/दमोह। जिले में एक ओर जिला प्रशासन द्वारा आवारा पशुओं को सड़कों से हटाकर गौशालाओं में पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत पटेरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनगांव स्थित गौशाला में व्यवस्थाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौशाला में पशुओं को कीचड़ और दलदल के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे हालात में गौवंश की देखभाल और सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
बताया जा रहा है कि बारिश के बाद गौशाला परिसर में जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा हो गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त साफ और सूखी जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें इसी गंदगी और दलदल के बीच खड़ा रहना पड़ रहा है। लंबे समय तक कीचड़ में रहने से पशुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। गौशाला में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला परिसर में नियमित रूप से सफाई कराने के साथ जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए। पशुओं के लिए सूखी जगह, पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। साथ ही बीमार पशुओं की पहचान कर पशु चिकित्सकों से उनका समय पर उपचार कराया जाना चाहिए।
प्रशासन से निरीक्षण की मांग
बनगांव गौशाला की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है।
