
जबलपुर। हनुमानताल थाना अंतर्गत भानतलैया में आगामी त्योहार के लिए गणेश प्रतिमा तैयार कर रहे एक मूर्तिकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंच गई और हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि 2021 में हुई हत्या का बदला लेने विरोधी पक्ष ने वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस के मुताबिक पुष्कर सोनकर 21 वर्ष निवासी बड़ी खेरमाई हनुमानताल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने मामा मनोज उर्फ बाबा के साथ मथुरा सेठ की बाड़ी में मूर्ति बनाने का काम करता है। शुक्रवार मध्य रात्रि वह एवं मामा मनोज उर्फ बाबा सोनकर, मामी विमला सोनकर एवं उनका बेटा अनुराग सोनकर दुकान में मूर्ति बना रहे थे तभी वहां पर गाड़ी में रोहित मराठा एवं चिन्टू उर्फ भरत यादव आये जिनसे मामा बाबा सोनकर का पुराना विवाद है, दोनों पुरानी रंजिश पर से मामा मनोज उर्फ बाबा सोनकर से विवाद करने लगे, चिन्टू उर्फ भरत यादव ने रोहित से कहा कि आज बाबा को जान से खत्म कर दो तो रोहित ने अपने पास से पिस्टल निकालकर उसके मामा मनोज उर्फ बाबा सोनकर पर जान से मारने की नियत से फायर कर गोली मनोज उर्फ बाबा के गर्दन में पीछे तरफ लगी जिससे बाबा गिर गये, वह एवं अनुराग, मामी उनकी गाड़ी तरफ दौड़े तो दोनों भाग गये। घायल को ई रिक्शा से निजी अस्पताल लेकर गये जहां से रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज लेकर गये डाक्टर ने चेक कर मनेाज उर्फ बाबा सोनकर 50 वर्ष को मृत घोषित कर दिया।
बिट्टू उर्फ विकास मराठा की हुई थी हत्या-
अगस्त 2021 में दुर्गा चौक के पास बिट्टू उर्फ विकास मराठा (30) की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या की गई थी। इस मर्डर केस में पुलिस ने आनंद सोनकर और अनिकेत सोनकर सहित अन्य मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आंनद, अनिकेत जेल में है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि हत्या का बदला लेने विरोधी पक्ष ने वारदात को अंजाम दिया है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
प्रभारी हनुमानताल सुभाषचंद्र बघेल के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। टीमेंं लगातार कातिलों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
तनाव: पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
मराठा और सोनकार गुट में लंबे समय से चल रही रंजिश के चलते बडी खेरमाई मेंं तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। शनिवार को पीएम के बाद जब शव घर पहुंचा तो गहमा-गहमी की स्थिति निर्मित हो गई। तनाव और शोक के माहोल के बीच पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस की मौजदगी में शव यात्रा को मुक्तिधाम तक ले जाया गया।
