
जीरापुर। जिला कलेक्टर गिरिश कुमार मिश्रा के निर्देश पर प्रशासन के मार्गदर्शन में पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग राजगढ़ की संयुक्त टीम ने शनिवार को जीरापुर नगर में विभिन्न स्थानों पर संचालित क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान कई क्लीनिक बिना वैध पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेजों के संचालित पाए गए। जांच के दौरान क्लीनिकों में मरीजों के उपचार के लिए ड्रिप, इंजेक्शन एवं विभिन्न दवाइयां भी मिलीं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा क्लीनिक संचालकों से पंजीयन सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। दस्तावेजों की जांच में कमियां एवं पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुल 10 क्लीनिकों को सील कर दिया।
जिन क्लिनिको पर कार्रवाई की गई, उनमें चाइल्ड हेल्थ केयर क्लीनिक के संचालक विनोद पांचाल, अलशिफा क्लीनिक माचलपुर रोड के संचालक फिरोज खान, राहत क्लीनिक माचलपुर रोड के संचालक उमर फारूक, चहक मेडिकल एवं क्लीनिक स्टोर जमाई कॉलोनी के पीछे की संचालक मोबिना खान, सांवरिया क्लीनिक भंडावद रोड के संचालक विजय कुमार गौड़, शीफा दवाखाना छापीहेड़ा नाका के संचालक वहीद उल्लाह खान, रूहान दवाखाना के संचालक अब्दुल जब्बार, कृष्णानंदू क्लीनिक बस स्टैंड के संचालक प्रोभाश विश्वास, मालाकार क्लीनिक गांधी बस्ती के संचालक प्रकाश मालाकार एवं मीणा क्लीनिक के संचालक पारस कुमार मीणा शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों एवं क्लीनिकों में संचालित गतिविधियों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं मिलने तथा पाई गई कमियों के आधार पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से बिना पंजीयन एवं नियमों को ताक पर रखकर चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्रवाई के दौरान जिला टीबी अधिकारी डॉ. मनीष चौहान, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. महेंद्र पाल सिंह एवं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील चौरसिया बीपीएम सुरेश पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। थाना प्रभारी होकम सिंह मीणा,शादाब खान,वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से जीरापुर, छापीहेड़ा, माचलपुर एवं खिलचीपुर पुलिस की विशेष भूमिका रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेज एवं पंजीयन के संचालित चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
