शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन को किया याद, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत कीं विविध गतिविधियां

अनूपपुर,शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती अनूपपुर में शनिवार को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस शिक्षक दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ अभिभावक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन के जीवन, व्यक्तित्व, शिक्षा एवं देश के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति पूरी निष्ठा, मेहनत, ईमानदारी और लगन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे तो वह जीवन में किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकता है। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षक के रूप में अपने कार्य की शुरुआत करते हुए अपनी विद्वता और कर्मठता के बल पर देश के उपराष्ट्रपति और बाद में राष्ट्रपति पद को प्राप्त किया।

उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन महान शिक्षाविद्, दार्शनिक, हाजिरजवाब और विवेकशील व्यक्तित्व के धनी थे। उनके जीवन की अनेक घटनाएं यह संदेश देती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति को संयम, बुद्धिमत्ता और सकारात्मक सोच के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य का निर्माण करने वाला मार्गदर्शक होता है।

*शिक्षिकाओं ने भी रखे विचार*

इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती सविता प्रजापति, श्रीमती एस. स्वाती राव, श्रीमती शैल शर्मा एवं श्रीमती विद्या राठौड़ ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस केवल सम्मान प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों का आत्ममंथन करने का दिन भी है। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करना और उन्हें संस्कार, ज्ञान एवं सही दिशा प्रदान करना ही डॉ. राधाकृष्णन के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

*विद्यार्थियों ने प्रस्तुत कीं विविध गतिविधियां*

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं व्यक्तित्व से संबंधित विचार प्रस्तुत किए तथा शिक्षक के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए। छात्राओं द्वारा भाषण, कविता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा और जीवन में गुरु के महत्व को समझा।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों से प्रेरणा लेकर मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता एवं सम्मान की भावना को और मजबूत किया।

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