सीधी : जिले के चुरहट तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 64 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक संतमुनि शर्मा ने कलेक्टर विकास मिश्रा को आवेदन देकर अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शर्मा का आरोप है कि भूमि के खसरा रिकॉर्ड में नाम सुधार के मामले में सही प्रतिवेदन भेजने के एवज में उनसे कथित तौर पर 50 हजार की मांग की गई। राशि देने में असमर्थता जताने के बाद गलत प्रतिवेदन भेजे जाने का आरोप उन्होंने लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्राम टकटैया निवासी संतमुनि शर्मा शासकीय माध्यमिक विद्यालय सांड़ा के प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सर्रा स्थित उनकी भूमि आराजी क्रमांक 792 एवं 793/1 में नाम दो बार दर्ज हो गया था।
किसान आईडी में भूमि की प्रविष्टि नहीं होने पर उन्होंने नाम सुधार के लिए एसडीएम न्यायालय चुरहट में आवेदन दिया था। तहसीलदार कार्यालय से हल्का पटवारी की जांच कराई गई और पटवारी ने 22 जून 2026 को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। शर्मा का आरोप है कि इसके बाद वे कई बार तहसीलदार से एसडीएम न्यायालय को प्रतिवेदन भेजने का अनुरोध करते रहे। इसी दौरान उनसे कथित तौर पर 50 हजार की मांग की गई।
राशि देने से इनकार करने के बाद 24 जून को तैयार प्रतिवेदन में ग्राम सर्रा की जगह ग्राम पड़खुरी लिख दिया गया। शर्मा का दावा है कि यह प्रतिवेदन करीब दो महीने तक रोके रखने के बाद 24 अगस्त को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। तहसीलदार से फरियाद करने पर वह बेवजह नाराज हो गई तथा 27 अगस्त को चुरहट थाने में एफआईआर क्रमांक 0487/2026 दर्ज हुई, जिसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। शर्मा ने एफआईआर में दर्ज घटना के समय और रिपोर्ट दर्ज किए जाने के समय पर भी सवाल उठाते हुए तहसील कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज तथा जावक पंजी की जांच की मांग की है।
सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर न्याय की गुहार
सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक संत मुनि शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में जारी किया गया वीडियो सभी के सामने एक बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति रखता है। वीडियो में उन्होंने अपने साथ हुई पूरी घटना को विस्तार से बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है तथा मानसिक रूप से अत्यंत परेशान होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही है। यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के पक्ष-विपक्ष का मुद्दा नहीं है। यह एक नागरिक की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारी तत्काल संज्ञान लें और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर सत्य सामने लाएं।
इनका कहना है
मामले का संज्ञान लिया गया है और जांच की जा रही है। यदि तहसीलदार या किसी अन्य अधिकारी की ओर से कोई त्रुटि सामने आती है तो उसे सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
अजय शर्मा , एसडीएम चुरहट
