एम्वे का आयुर्वेदिक उत्पादों का कारोबार 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य

नयी दिल्ली, 03 सितंबर (वार्ता) एम्वे इंडिया ने देश के बाजारों में जड़ी बूटी व वनस्पतियों पर आधारित उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं के बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए ‘ न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद’ के साथ आयुर्वेदिक उत्पादों के बाजार में रणनीतिक कदम की घोषणा करते हुए दो साल के अंदर अपने इस कारोबार को 100 करोड़ रुपये के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ता बीमारी से पहले बचाव को अहमियत दे रहे हैं और सरकार भी आयुष को लगातार मजबूत कर रही है। कंपनी ने इस श्रेणी में नौ नये आयुर्वेदिक उत्पाद उतारे हैं। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसका लक्ष्य अगले दो साल में अपने इस कारोबार को 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ ली जायेंगी।

ये उत्पाद तमिलनाडु स्थित एम्वे की अत्याधुनिक फैक्ट्री में तैयार किये जा रहे हैं। डायरेक्ट सेलिंग कंपनी ने कहा है, ” यह भारत में आयुर्वेद से जुड़ी पूरी आर्थिक श्रृंखला को मजबूत करने का मौका है, जिसमें जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार खरीद, स्थानीय खेती, उत्पादन, वैज्ञानिक शोध, इनोवेशन और रोजगार शामिल हैं। न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के वनस्पति विज्ञान के अनुभव और भारत में एक दशक की विनिर्माण क्षमता के साथ कंपनी आयुर्वेद के सदियों पुराने ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर परख रही है। इन प्राकृतिक उत्पादों में देश की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपरा को दुनिया तक ले जाने की क्षमता है।”

एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक रजनीश चोपड़ा ने कहा, “भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस का पूरा परिदृश्य बदल रहा है। सरकार का जोर आयुष को मजबूत करने और आयुर्वेद को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने पर है। इससे देश के भीतर आयुर्वेद को मजबूत आधार मिला है। दुनिया में इसकी पहचान भी बढ़ी है। जैसे-जैसे भारत आयुर्वेद से जुड़े नवाचार और विनिर्माण में अपनी क्षमता बढ़ायेगा, यह बढ़ता इकोसिस्टम नये आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है।”

उन्होंने कहा पोषण की गहरी विशेषज्ञता, न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के वनस्पति विज्ञान और वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ एम्वे इंडिया आयुर्वेद के लिए भारत की रणनीति में योगदान देने की खास स्थिति में है।” कंपनी पहले चरण में तीन आयुर्वेदिक उत्पाद बाजार में ला रही है जिनमें लीवर के लिए कालमेघ , शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन को कम करने में मदद के लिए शिग्रु (मोरिंगा) तथा पाचनतंत्र के लिए वृक्षाम्ल (गार्सिनिया) नाम का उत्पाद है।

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