
पांढुरना, काम की तलाश में अपने-अपने घरों से भागकर महाराष्ट्र के कोल्हापुर,सातारा,सिडको के कृषकों के खेतों में ही रहते हुए गन्ने की कटाई का कार्य करने वाले पांढुरना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के चार नाबालिग जिसमें दो लडके तथा दो लड़कियों को पुलिस ने दस्तयाब कर अपने साथ वापस लेकर आने के बाद इनके परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस टीम में यह थे शामिल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार नगरीय सीमा से लगे ग्राम राजाराखुर्द की एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने की इसके परिजनों द्वारा लगाई गई रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश परिहार,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनकामना प्रसाद के निर्देश तथा एसडीओपी बृजेश भार्गव के मार्गदर्शन में एक सहायक उपनिरीक्षक शिवकरण पांड़े के नेतृत्व में गठित एक चार सदस्यीय टीम जिसमें प्रधान आरक्षक गजाजन मंगुलकार,राजेश चौरसिया,आरक्षक अखलेश तथा महिला आरक्षक शारदा धुर्वे को मिले अह्म सुराग के आधार पर महाराष्ट्र के कोल्हापुर,सातारा,सिडकों आदि स्थानों पर पहुंची पुलिस टीम ने सात दिनों तक इन शहरो,कस्बों के खेतों में पहुंचकर तलाश किया।
इन गावों के है नाबालिक लडके,लडकिया
पांढुरना के ग्राम राजाराखुर्द की नाबालिक लडकी की तरह ही इसी ग्राम की रहने वाली एक 16 वर्षीय लडकी तथा ग्राम मगज गांव के 17 वर्षीय लड़के एवं ग्राम कलमगांव के एक 18 वर्षीय लड़के को भी पकड़ा ।
काम करने अपनी मर्जी से गए थे महाराष्ट्र
पुलिस पूछताछ में इन लड़के, लडकियों ने बताया कि उन्हें किसी ने भगाकर नहीं लाया बल्कि वह काम की तलाश में स्वयं ही यहां आए और इन क्षेत्रों के खेतों में गन्ने की कटाई तथा गुड बनाने का काम अपनी मनमर्जी से कर रहें है,इन सभी ने पुलिस को बताया कि पांढुरना में कहीं भी काम नहीं मिल रहा है और इनके परिजनों की आर्थिक स्थित ठीक नहीं होने से यह पढ़ाई भी नहीं कर पा रहें है,इसलिए यह स्वयं काम के लिए यहां आए है,उन्हें यहा भी कोई परेशानी नहीं है इन्हें काम के बदले संतोषप्रद मजदूरी मिलने के साथ ही यहां रहने के साथ ही दोनों समय का भरपेट भोजन भी दिया जाता है।
महाराष्ट्र से लाकर परिजनों को सौंपा
पुलिस द्वारा इन लडकों के बयान लेने के साथ ही इन चारों को महाराष्ट्र के इन शहरों से अपने साथ पांढुरना लाकर आज उनके परिजनों को सौंप दिया।
