
पुस्तक में इटली के एक छोटे गांव में श्रीमती सोनिया गांधी के बचपन से लेकर भारत आगमन, श्री राजीव गांधी के साथ विवाह और नेहरू-गांधी परिवार में उनके जीवन की कहानी है। इसमें इंदिरा गांधी से उनकी मुलाकात, हिंदी सीखने, भारतीय परंपराओं और खान-पान को अपनाने के साथ संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या जैसी घटनाओं का भी उल्लेख है। पुस्तक में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस गठबंधन की जीत और सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के निर्णय का भी जिक्र है। प्रकाशक के अनुसार, सोनिया गांधी इस संस्मरण में अपने निजी जीवन और राजनीतिक यात्रा को सामने रखती हैं तथा छह दशकों में भारत में आए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी देखती हैं। पुस्तक में सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने और पार्टी तथा गठबंधन का नेतृत्व करने के अनुभवों को भी शामिल किया गया है।
पुस्तक के प्रकाशन की घोषणा ऐसे समय पर हुई है जब पुस्तक के भारतीय प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ पुस्तक के प्रकाशन का समझौता समाप्त होने को लेकर विवाद सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों में संपादकीय बदलावों को लेकर मतभेद की बात कही गई थी। हार्परकॉलिन्स के पुस्तक के प्रकाशन का यह ऐलान पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया से जुड़े एक विवाद के बाद आया है। बताया जाता है कि पेंगुइन शुरू में इस पुस्तक को छापने के लिए बहुत उत्सुक था लेकिन बाद में उसने मना कर दिया। इसके बाद इस पर काफी राजनीतिक बयानबाजी भाजपा और कांग्रेस के बीच हुई थी। पुस्तक के प्रकाशन की घोषणा के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा”पेंगुइन चाहे कितनी भी कोशिश कर ले वह उड़ नहीं सकता।”
