सतना : मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में किसी भी तरह का आम्र्स, अस्त्र-शस्त्र लेकर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. लेकिन इसके बावजूद भी मंदिर के गर्भ गृह में पूरे विधि विधान के साथ आटोमेटिक राइफल की शस्त्र पूजा की गई. इस दौरान एक ओर जहां मंदिर का समूचा सुरक्षा प्रोटोकॉल धाराशायी होता दिखा. वहीं दूसरी ओर मंदिर के पुजारी द्वारा भी उक्त नियमों को ताक पर रखने में कोई कसर नही छोड़ी गई. अब जबकि सोशल मीडिया में मंदिर के गर्भ गृह में शस्त्र पूजा का वीडियो वाइरल हो गया तो प्रशासन द्वारा किसी तरह की कार्रवाई करने के बजाए चुप्पी साध ली गई.
उप्र के प्रतापगढ़ जिले के कुण्डा क्षेत्र के बाहूबली विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया और उनके समर्थकों के सोशल मीडिया एकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया. जिसमें वे मैहर स्थित मां शारदा मंदिर के गर्भ गृह में अपनी आटोमेटिक राइफल की शस्त्र पूजा करते दिखाई दे रहे हैं. मंदिर के गर्भ गृह में मौजूद पुजारी नितिन महाराज द्वारा विधि विधान के साथ राइफल पर चुनरी और माला बांधकर शस्त्र पूजा कराई जा रही है. इस दौरान विधायक के आस पास उनका लाव-लश्कर भी मौजूद है. गर्भ गृह में शस्त्र पूजा कराने के बाद पुजारी नितिन बकायदा विधायक जी को मंदिर की सीढिय़ों तक विदा करने के लिए भी आते नजर आ रहे हैं.
उक्त वीडियो के वाइरल होने पर की गई पड़ताल में यह जानकारी सामने आई कि मामला 6 फरवरी का है. उस दिन कुण्डा विधायक राजा भैया अपने लाव लश्कर के साथ मैहर मंदिर पहुंचे थे. जहां पर उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह में शत्र पूजा की. लिहाजा इस मामले के सामने आते ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्र उठने लगे. उल्लेखनीय है कि मां शारदा मंदिर में किसी भी तरह का आम्र्स, अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रवेश करना पूर्णत: प्रतिबंधित है. लेकिन इसके बावजूद भी विधायक और उनके समर्थकों की मौजूदगी में मंदिर के गर्भ गृह में शस्त्र पूजन किए जाने के मामले में न तो वहां पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने कोई संज्ञान लिया और न ही पुजारी द्वारा इस संबंध में किसी तरह की रोक-टोक की गई. इस संबंध में प्रशासक मां शारदा मंदिर और एसडीएम मैहर दिव्या सिंह पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया. लेकिन उन्होंने इस संबंध में किसी तरह की टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया.
वीआईपी बनाम आमजन
घंटो लाइन में खड़े रहने के बाद जब कोई आम दर्शनार्थी मंदिर के गर्भ गृह के सामने पहुंचता है तो वहां पर मौजूद सुरक्षा कर्मी उसे पल भर का भी मौका नहीं देते. दर्शनार्थी को चाहे मां के दर्शन हों अथवा नहीं, व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उनका हाथ पकडक़र आगे धकेल देते हैं. लेकिन वहीं वीआईपी प्रोटोकॉल के नाम पर सीधे मंदिर के गर्भ गृह में बैठाकर पूजन कराया जाता है. वीआईपी के विधि विधान से पूजन के दौरान आमजन के लिए मंदिर का रास्ता रोक रखा जाता है. वहीं इस तरह की आपत्तिजनक विसंगतियों के बीच मंदिर के गर्भ गृह में शस्त्र पूजा का मामला भी सामने आना यह बताने के लिए काफी है कि जिम्मेदार अपनी भूमिका को निभाने से बच रहे हैं. नियमत: इस मामले में तो उस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और शस्त्र पूजा कराने वाले पुजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी
