शहर की हर सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे

इंदौर: सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति ने कल पुनरावलोकन बैठक में निगम आयुक्त को चेतावनी दी कि सड़कों पर गड्ढे और अतिक्रमण नहीं हो. इस पर अभियान चलाकर कार्रवाई करें. सड़क पर नागरिकों की मौत नहीं होना चाहिए. वास्तविकता यह है कि शहर की हर प्रमुख सड़कों से लेकर चौराहों पर कई जगहों पर गड्ढे ही गड्ढे है.
शहर में कल सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी. बैठक में जस्टिस सप्रे ने निगमायुक्त से कहा कि शहर में सड़कों पर गड्ढे नहीं हो. सड़क पर निर्बाध यातायात के लिए यह बहुत जरूरी है. साथ ही शहर की सड़कों से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई निरंतर करे. अतिक्रमण के कारण यातायात जाम होता है.

सड़क सुरक्षा समिति की चेतावनी का कितना असर होगा? यह तो बताया नहीं जा सकता है. वर्तमान स्थिति में शहर के कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढे है. यह गड्ढे ठीक से रिपेयरनहीं होने के कारण फिर से धंस भी गए है. साथ ही शहर के कई इलाकों में गड्ढों में गिट्टी और पत्थर छुरी डालकर छोड़ रखा है. इस वजह से वाहन चालकों को न सिर्फ परेशानी होती है, बल्कि दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है. यहीं नहीं शहर की कई सड़कों पर बारिश पूर्व जो गड्ढे भर कर डामरीकरण किया था, वह भी उखड़ चुके हैं. स्थित यह है कि कई जगह गड्ढों पर यातायात पुलिस के बेरीकेट्स रखे है. बेरीकेट्स के कारण भी यातायात जाम होता है.

चार टेंडर जारी किए
नगर निगम जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि सड़कों पर कोल डामर के 385 बड़े गड्ढे भर दिए हैं. इसके अलावा शहर में सीमेंट कांक्रीट की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए 50-50 लाख के चार टेंडर जारी कर दिए है. कांक्रीट से ही गड्ढों को भरा जाएगा. अभी डेढ़ करोड़ से पुराने गड्ढों को भी फिर से भरने का काम शुरू होने वाला है. इसमें भी झांकी मार्ग के गड्ढे प्राथमिकता से भरने का काम शुरू कर दिया है

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