
इंदौर. लसूड़िया पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर रौब जमाने वाले युवक को पकड़ा है. होटल में बिल चुकाने के लिए पीए के आने का बहाना करने पर मामला पुलिस तक पहुंचा. जांच में आरोपी की पहचान हिमांशु पांचाल के रूप में हुई.
हिमांशु अहमदाबाद के साबरमती का रहने वाला है और ओमेक्स सिटी 1 की शुभ आंगन प्रीमियम कॉलोनी में किराए से रह रहा था. कुछ दिन पहले वह शेरेटन होटल में खाना खाने गया था. बिल के समय उसने खुद को राज सोनी बताते हुए कहा कि उसके पास रुपए नहीं हैं और दो घंटे में उसका पीए आकर भुगतान कर देगा. भुगतान नहीं होने पर होटल ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया, लेकिन पदस्थापना संबंधी दस्तावेज मांगने पर जवाब नहीं दे सका. पूछताछ में उसने अपना असली नाम हिमांशु पांचाल कबूल कर लिया. उसके घर की तलाशी में आईएएस राज सोनी, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर लिखी काले रंग की नेम प्लेट और सत्यमेव जयते लिखा फोटो फ्रेम मिला. जांच में पता चला कि हिमांशु करीब एक माह पहले ही इंदौर आया था और करीब 15 दिन पहले कार पर फर्जी नेम प्लेट लगाई थी. वह पहले अहमदाबाद की आईटी कंपनी में नौकरी करता था. उसके खिलाफ गांधीनगर के अडालज थाने में भी 23 मई 2026 को धोखाधड़ी का केस दर्ज है. पुलिस अब पता लगा रही है कि फर्जी अधिकारी बनकर उसने और किन लोगों को ठगा या प्रभावित किया.
जांच की जा रही: एसीपी
मामले में एसीपी पराग सैनी ने बताया कि होटल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ की थी. पद और पहचान को लेकर संदेह होने पर दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें उसकी असलियत सामने आई. उसके मकान से फर्जी नेम प्लेट समेत अन्य सामग्री मिली है. आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और इंदौर में उसकी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.
