भोपाल। नगर निगम का सीलिंग अभियान जारी है। अरेरा कॉलोनी, गौतम नगर, कोलार और रचना नगर समेत कई इलाकों में दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया। लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कुछ जगह सीलिंग के बावजूद दुकानें फिर से खुल गई हैं।
31 अगस्त को भोपाल में नगर निगम की छह विधानसभा क्षेत्रों में 109 दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया। लेकिन ग्राउंड पर हमारी रिपोर्टिंग में सामने आया कि E3 और E4 इलाके में नगर निगम जोन कार्यालय के ठीक पीछे एक कैफ़े दिन में तो बंद दिखाई देता है, लेकिन शाम होते ही बोर्ड से पर्दे गायब इतना ही नहीं गेट पर लगा दुकान बंद का बैनर भी हटा दिया जाता है.
तो सवाल बड़ा है, अगर दिन में कार्रवाई हो रही है, तो शाम होते ही ये प्रतिष्ठान दोबारा कैसे खुल रहे हैं? और यह केवल एक उदहारण नहीं ई-4 में कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं जो दिन में बंद और शाम होते ही शुरु कर दिए जाते हैं. और कई दुकानों को तो बंद करने के बाद भी उसके अंदर संचालन जारी देखा गया है.
अगर ये सब जोन कार्यालय के ठीक पीछे हो रहा है, तो फिर निगरानी कौन कर रहा है? क्या सीलिंग सिर्फ कार्रवाई दिखाने तक सीमित है या उसके बाद भी निगम निगरानी करता है? एक तरफ सीलिंग, दूसरी तरफ शाम को कारोबार—आखिर इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है? जब इसपर हमने निगम के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने केमरे के सामने आने से इनकार कर दिया. लेकिन अब जवाब नगर निगम और जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
