मानसून मौसम में 3 महीने तक मिलता है स्थानीय लोगों को अस्थाई देसी रोजगार

बागली। विगत पांच से साथ वर्षों से मानसून के समय बागली से पुंजापुरा के मध्य 7 किलो मीटर के घाट के मध्य कुछ कुछ दूरी पर बरझाइ गांव के और पाजंरिया गांव के 30 से 35 परिवारों को मौसमी फसल गरम गरम भुट्टे और मूंगफली बेचने का छोटा सा रोजगार मिल जाता है। जंगल से ही लाई गई लड़कीयों वही मौके पर मूंगफली तथाभुट्टे सेक ने से हर किसी का मन ललचाता है। और वह कुछदेर रुक कर मौसम की दोनों चीजों का स्वाद का आनंद जरूर लेते हैं।

पुंजापुरा क्षेत्र से जुड़े पैरामेडिकल क्षेत्र के अरविंद सिंह लोधी ने बताया कि यह लोग वास्तव में मेहनत करते हैं। और छोटी-छोटी टेंट नुमा अस्थाई दुकान में परिवार सहित कामकाज करते हैं हालांकि देर शाम को अपने-अपने घर लौट जाते हैं। यदि क्षेत्र का पर्यटन विकास हो जाए तो इन्हें इसी प्रकार का स्थाई रोजगार भी मिल सकता है। भुट्टे बेचने वाली अनिता बाई और उनके पति गुलाब भाई ने बताया कि वह स्वयं बाजार से अमेरिकन भुट्टे लाते हैं ।और यहां पर सक कर भेजते हैं वर्तमान में देसी भुट्टे और मूंगफली भी शुरू हो गई है। दीपावली के आसपास तक यह काम चलता रहेगा अनुमानित प्रतिदिन इन्हें 500 से ₹700 तक मिल जाते हैं ।हालांकि कुछ लोग ऐसे हैं ,जो ताजी सब्जियां भी बेचते हैं।

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