
पांढुरना, गोटमार मेला परंपरा अनुसार ही संपन्न कराया जाएगा,लेकिन इसमें गोफन चलाने वालों पर इस बार सख्ती से कार्यवाही होंगी, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा,आपका जीवन अपने परिजनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण एवं कीमती है,इस ध्यान में रखते हुए सुरक्षित रूप से गोटमार मेला मनाए उक्तांश के उद्गार जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा बुधवार को नगर के लक्ष्मी स्मृति भवन में आयोजित गोटमार मेले के शांति समिति की बैठक में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए ।
उल्लेखनीय हो कि विभिन्न किवदंतियों के आधार पर बनाए जाने वाला विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेला इस वर्ष भी अपनी सदियों पुरानी परंपरा अनुसार महाराष्ट्रीय कृषकों के पोला त्यौहार के दूसरे अर्थात 11 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को नगर के मध्य से प्रवाहित होने वाली जाम नदी के राधा कृष्ण मंदिर परिसर में मनाया जाएगा,ज्ञातव्य हो कि इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक सावरगांव तथा पांढुरना के पक्ष के लोग एक दूसरे पर आमने-सामने से पत्थरों से हमला कर लहूलुहान करते है,जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते है तो कई लोगों की मौत तक हो चुकी है,लेकिन इसके बावजूद सदियों से अनवरत रूप से यह गोटमार मेला मनाया जाता आ रहा है।
इस मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराने को लेकर आज बुधवार को नगर के लक्ष्मी स्मृति भवन में जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई,जिसमें दोनो ही पक्ष के सैकड़ों लोग उपस्थित थे,जिनमें कई लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश परिहार,विधायक नीलेश उइके,नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े,नगर पालिका के सभापति उमेश उरकुडे,प्रदीप जुननकर,विशाल जामसावली पदयात्रा समिति के अध्यक्ष मनोज गुड़धे आदि ने भी अपनी बात रखी,बैठक में लगभग सभी विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
