पांडिया छपारा (उगली )जनपद पंचायत केवलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाथर के अधीनस्थ आने वाले वनांचल के दो आदिवासी ग्राम गुरेरा माल और गुरेरा रैयत के ग्रामीणों ने आगामी समस्त चुनाव विधानसभा, लोकसभा और ग्राम पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है, कि पांडिया छपारा से गुरेरा माल और गुरेरा रैयत जाने वाले मार्ग पर धनई नदी पड़ती है, जो कि बरसात के समय लगभग चार माह के लिए ग्रामीणों का आवागमन अवरुद्ध हो जाता है, क्योंकि इस नदी पर आजादी के 80 वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे हायर सेकेंडरी स्कूल पांडिया छपारा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण मुख्य धारा से कट जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानियों का सामना जिसमें प्रमुख स्वास्थ्य,शिक्षा, उपचार,भोजन तथा कृषकों को खाद, बीज, हाट बाजार आदि के लिए अत्यधिक कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। अनेकों बार नदी पार करते समय विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
जान जोखिम में डालकर ग्रामीण और बच्चे नदी पार करते हैं, जिससे उनके जान माल का अनेको बार जोखाम भरा सफर करते नजर आते है। विदित हो कि इसी ग्राम में ढूटी बाँध जलाशय जो (ब्रिटिश गवर्नमेंट) अंग्रेजों के जमाने का निर्मित है, जो कि पर्यटन के दृष्टिकोण से आकर्षण का केंद्र और पर्यटन स्थल है, जहाँ प्रतिवर्ष मकर संक्रांति, महा शिवरात्री में विशाल मेला लगता है, जिसमें सिवनी, बालाघाट व मंडला आदि जिलों से पर्यटक आते हैँ, बावजूद इसके पुल निर्माण हेतु अनदेखा किया गया है।अनेक बार ग्राम पंचायत एवं वरिष्ठ कार्यालयों के माध्यम से आवेदन निवेदन करने के बावजूद भी ग्रामीणों की सुनवाई आज तक न राजनीतिक स्तर पर,न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई हुई है।अतः ग्रामीणों ने निराश होकर चुनाव बहिष्कार करने का कदम उठाना सुनिश्चित किया है।
अब देखना यह होगा कि भोले भाले आदिवासी ग्रामीणों की व्यथा को सुनने के लिए स्थानीय विधायक, सांसद एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि आगे आकर इस समस्या का समाधान करने में सहयोग प्रदान करेंगे या नहीं? स्थानीय विधायक माननीय श्री रजनीश सिंह ठाकुर एवं सांसद महोदय माननीय श्री फग्गन सिंह कुलस्ते से आग्रह किया है, कि वे पुल निर्माण की प्रक्रिया में ग्रामीणों का सहयोग करें। यदि पुल निर्माण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाये जाते हैँ,तो चुनाव बहिष्कार करना हमारी मजबूरी होगी।क्या चुनाव का बहिष्कार कर ग्रामीणों को उनकी जायज मांग पूरी किया जायेगा, या राजनैतिक उल्लू सीधा करने के लिये केवल आश्वासन में ही धनई नदी के उपर उच्चस्तरिय पुल के निर्माण की बात रखी जायेगी यह समय बतायेगा
लेकीन इस बार मतदाताओं को रुख स्पष्ट दिखाई दे रहा है.
