इंदौर:तीन साल पहले 780 पेटी अवैध शराब से भरे आयशर ट्रक की जब्ती के बाद से फरार चल रहे आरोपी को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया. शराब की खेप के साथ पुलिस ने करीब 50 लाख रुपए का माल जब्त किया था. मामले में दो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया था.26 जुलाई 2023 को क्राइम ब्रांच को राऊ-रंगवासा-पीथमपुर रोड पर अवैध शराब की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी. पुलिस ने वाहन रोककर तलाशी ली तो उसमें बैगपाइपर डिलक्स व्हिस्की की 410 पेटी और माउंट 600 बीयर की 370 पेटी मिली थीं। शराब की कीमत करीब 30 लाख रुपए थी.
पुलिस ने करीब 20 लाख रुपए कीमत का आयशर ट्रक भी जब्त किया था. कार्रवाई के दौरान चालक बीरम चौहान और क्लीनर विशाल ठाकुर पकड़े थे. जांच के दौरान दिलप्रीत सिंह उर्फ हनी की भूमिका सामने आई थी. लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा था, क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी थी. मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया. दिलप्रीत इंदौर का रहने वाला है, वह आठवीं तक पढ़ा है और वाइन शॉप पर काम करता है. उसके खिलाफ पहले से भंवरकुआं और तुकोगंज थानों में चार मामले दर्ज हैं.
इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, अवैध वसूली, घर में घुसकर मारपीट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं. अब पुलिस यह पता लगा रही है कि शराब की इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था. साथ ही खेप के परिवहन और बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है. मामले में एडिसीपी क्राईम राजेश दंडोतिया का कहना है कि तीन साल पुराने शराब परिवहन के मामले में फरार आरोपी को पकड़ा है. उससे शराब की खेप और मामले से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है.
