सतना /रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने मंगलवार को चित्रकूट में संभागीय अधिकारियों एवं जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट मोड़, पर्यटक होटल तिराहा तथा हनुमान धारा रोड पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थल का निरीक्षण कर मौके की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मंदाकिनी नदी के बढ़े हुए जलस्तर का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से नदी के जलस्तर एवं वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कमिश्नर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। क्षतिग्रस्त पुल एवं अन्य जोखिम वाले स्थानों पर आवागमन को नियंत्रित करने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रशासनिक एवं आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें। कमिश्नर ने चित्रकूट में पुरानी लंका तिराहा के पास बनाए गए आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने यहां ठहराए गए बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों से भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सीधे जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आश्रय स्थलों में रह रहे प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों के लिए पर्याप्त भोजन एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।
