वाशिंगटन, अमेरिका के एशविले में आयोजित जी20 बैठकों के इतर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा के साथ एक बेहद अहम बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर मुहर लगाई कि अब भारत और विश्व बैंक के बीच का संबंध केवल कर्ज लेने और देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और निजी निवेश को बढ़ावा देने वाली एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी में तब्दील होगा।
शहरी विकास, एमएसएमई और 1.5 अरब डॉलर की सहायता
बैठक के दौरान देश के म्यूनिसिपल बॉन्ड बाजारों को मजबूत करने, शहरों के विकास के लिए निजी पूंजी जुटाने और छोटे उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम द्वारा दी गई आर्थिक मदद पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा, भारत सरकार ने विश्व बैंक द्वारा 1.5 अरब डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण को तेजी से मंजूरी दिए जाने पर आभार भी व्यक्त किया।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन का विकास
इस नई साझीदारी के तहत भारत और विश्व बैंक मिलकर कृषि और अन्य क्षेत्रों के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) नॉलेज हब स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, देश में विश्व स्तर के पर्यटन केंद्रों को विकसित करने और भारतीय कंपनियों को विदेशों में निवेश के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा प्रदान करने पर भी सहमति बनी है।

