इंदौर:दूध का भाव लागत के आधार पर तय करने और किसानों को मेहनत का उचित दाम देने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में दूध उत्पादक किसानों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया.किसानों ने पशु आहार, चारा-दाना, पशु चिकित्सा, बिजली और मजदूरी समेत बढ़ती लागत का हवाला देते हुए दूध के वर्तमान भाव को अपर्याप्त बताया.
प्रदर्शन के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. किसान नेताओं चंदनसिंह बड़वाया और हंसराज मंडलोई ने कहा कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उसके अनुरूप मूल्य नहीं मिल रहा। एक लीटर दूध के पीछे पशुओं के पालन-पोषण, चारे, इलाज और मेहनत का बड़ा खर्च जुड़ा है. किसानों ने प्रशासन से किसान प्रतिनिधियों, दुग्ध संघ और संबंधित अधिकारियों की तत्काल बैठक बुलाकर वास्तविक लागत के आधार पर दूध का मूल्य तय करने की मांग की. प्रदर्शन में चंदन सिंह बड़वाया, अरविंद राठौड़, हंसराज मंडलोई, कमल जाधव, कैलाश सोनगरा, संजय मोरी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
व्यापक आंदोलन किया जाएगा
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. फिलहाल प्रदर्शन ज्ञापन सौंपने के बाद समाप्त हुआ.
