इंदौर: शहर में दूध की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। ‘ट्रिपल टी – जांच से विश्वास’ अभियान के तहत विभाग की टीम ने मंगलवार को विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों और दूध विक्रेताओं के यहां पहुंचकर मौके पर ही दूध के नमूनों की त्वरित जांच की। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया किसी भी नमूने में मिलावट सामने नहीं आई।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने चलित खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला के माध्यम से श्री कृष्णा दूध डेयरी, एम्पायर रेजिडेंसी, वृंदावन डेयरी, बिजौली मर्दाना रोड, पिपलियाहाना, फार्मर्स मिल्ककार्ट, बृजेश्वरी, पिपलियाहाना, श्री जी दूध डेयरी, शीतल नगर, कृष्णा मिल्क सेंटर, गंगा देवी नगर और महावीर दूध डेयरी, एमआर-10 सहित विभिन्न स्थानों पर दूध की जांच की। इसके अलावा 8 से 10 फेरी लगाकर दूध बेचने वाले विक्रेताओं के दूध के नमूनों की भी मौके पर जांच की गई।
अभियान के तहत अब त्वरित दूध जांच किट को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इससे दूध की कुछ महत्वपूर्ण गुणवत्ता संबंधी जांच मौके पर ही की जा सकती है। विभाग के अनुसार इस तरह की जांच का उद्देश्य केवल मिलावट पकड़ना नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में मौजूद कमियों की पहचान कर उनमें सुधार करवाना भी है।
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक मौके पर की गई त्वरित जांच प्राथमिक प्रकृति की होती है। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार नमूने लेकर उनकी विस्तृत जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलित प्रयोगशाला के माध्यम से आम लोगों को भी खाद्य पदार्थों की घरेलू स्तर पर जांच के आसान तरीकों की जानकारी दी जा रही है। विभाग का कहना है कि ‘ट्रिपल टी’ अभियान के जरिए जांच, सुधार और जागरूकता को एक साथ जोड़कर उपभोक्ताओं में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
