नई दिल्ली। अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और साक्ष्य आधारित लोक नीति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ और सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (सीआरआरआईडी), चंडीगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत दोनों संस्थान अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, लोक नीति, शैक्षणिक गतिविधियों और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग करेंगे।
एमओयू पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा और सीआरआरआईडी की गवर्निंग बॉडी की अध्यक्ष विनी महाजन ने रूपनगर के उपायुक्त आदित्य दचलवाल तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
साझेदारी के तहत आईआईटी रोपड़ की इंजीनियरिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा साइंस और उभरती तकनीकों की विशेषज्ञता को सीआरआरआईडी के सामाजिक विज्ञान अनुसंधान, विकास नीति और सरकार से जुड़े अनुभव से जोड़ा जाएगा। दोनों संस्थान एआई और डेटा आधारित समाधानों के जरिए नीति निर्माण, सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं निगरानी तथा योजनाओं के प्रभाव आकलन को बेहतर बनाने पर काम करेंगे।
सहयोग का दायरा ग्रामीण एवं औद्योगिक विकास, कृषि, स्वास्थ्य, स्थिरता, शहरी शासन, सार्वजनिक वित्त और एमएसएमई समेत विभिन्न क्षेत्रों तक होगा। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, नीति पत्र और रिपोर्ट तैयार करने के साथ कार्यशालाएं, नीति गोलमेज बैठकें, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
दोनों संस्थान एआई के जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर देंगे। इसमें डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, मानवीय निगरानी, एआई की व्याख्येयता और पूर्वाग्रह के आकलन जैसे उपाय शामिल होंगे। एमओयू के तहत परियोजनाओं के वित्तपोषण, बौद्धिक संपदा और डेटा साझाकरण से संबंधित व्यवस्थाएं परियोजना-विशिष्ट समझौतों के जरिए तय की जाएंगी।
