सीधी : बाणसागर बांध के 6 गेट खुलने से जल स्तर फिर बढऩे लगा है। बाणसागर बांध का गेट खुलने से सोन नदी में करीब 2454 क्यूमेक्स जल प्रवाह छोड़ा जाएगा।
बाणसागर बांध के जल स्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा आज आधा दर्जन रेडियल गेटों को दोपहर खोल दिया गया। प्रत्येक गेट को दो-दो मीटर तक खोला गया है। आवश्यकता पडऩे पर इससे अधिक जल प्रवाह भी स्पिलओव्हर के माध्यम से सोन नदी में छोड़े जाने की बात भी कही गई है। दरअसल आज 30 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे बाणसागर बांध का जल स्तर 341.58 मीटर दर्ज किया गया था।
जलाशय में लगातार पानी की आवक और कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए बांध का निर्धारित जल स्तर बनाए रखने के लिए पानी सोन नदी में छोड़ा जा रहा है। बाणसागर बांध का पानी सोन नदी में छोड़े जाने के पूर्व ही सोन नदी के किनारे के गांवों के लिए अलर्ट जारी किया गया था। सीधी जिले के रामपुर नैकिन, चुरहट, गोपद बनास, सिहावल, बहरी तहसील क्षेत्र की सोन नदी के निचले इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। चेतावनी में कहा गया है कि बाणसागर परियोजना से सोन नदी में पानी छोडऩे के बाद नदी का जल स्तर तेजी के साथ बढ़ेगा।
ऐसे में नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहना आवश्यक है। प्रारंभिक तौर पर बाण सागर के तीन गेट खोले गए थे, अब आधा दर्जन गेट फिर खोल दिए गए हैं। आवश्यकता पडऩे पर दो और गेटों को खोला जा सकता है। तेज बारिश के कारण पूर्व से ही सोन नदी उफान पर है। ऐसे में बाणसागर बांध का पानी भी सोन नदी में छोड़े जाने के बाद से जल स्तर में तेजी के साथ वृद्धि परिलक्षित होने लगेगी। चेतावनी में कहा गया है। कि सोन नदी के किनारे न जाएं। नदी का जल स्तर कभी भी काफी तेजी के साथ बढ़ सकता है इससे ग्रामीण स्वत: न जाएं और अपने मवेशियों को भी नदी के आसपास जाने से रोकें।
अतिवृष्टि एवं बाढ़ से निपटने अलर्ट मोड में रहें
जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा अतिवृष्टि एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर बी.पी.पाण्डेय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी एसडीएम, सीईओ जनपद पंचायत तथा संबंधित विभागों के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े। अपर कलेक्टर श्री पाण्डेय ने निर्देश दिए कि सोन नदी, गोपद नदी, बनास नदी सहित जिले की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर सतत निगरानी रखी जाए। नदी तट के समीप स्थित ग्रामों में विशेष रूप से जलस्तर की स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार ग्रामीणों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने नाव, तैराक एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की मैपिंग कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए।
