पिता के साए के बिना रिंकी और रिया ने NEET में गाड़े सफलता के झंडे, बनीं प्रेरणा

सारनी। नीट में सफलता हासिल कर रिंकी ने बढ़ाया सारनी का मान। विपरीत परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए सफलता हासिल करने वाली सारनी क्षेत्र की बेटी रिंकी राजेश तिलन्ते ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से परिवार और संत रविदास समाज के साथ पूरे क्षेत्र का मान-सम्मान बढ़ाया है। करीब एक वर्ष पूर्व पिता के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन रिंकी ने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय शिक्षा को अपना सबसे बड़ा सहारा बनाया और निरंतर मेहनत करती रहीं।रिंकी ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डेंटल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि उन बेटियों के लिए भी प्रेरणादायी संदेश है, जो कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देती हैं।

परिवार की दूसरी बेटी रिया तिलन्ते ने भी नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर डेंटल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया था। हालांकि रिया का लक्ष्य एमबीबीएस डॉक्टर बनना है। इसी संकल्प के चलते उन्होंने डेंटल कॉलेज की सीट छोड़कर आगामी वर्ष एमबीबीएस में प्रवेश के लिए पुनः तैयारी शुरू कर दी है। दोनों बहनों की उपलब्धि यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, शिक्षा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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