काठमांडू, नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद मुर्दाघर भर गए हैं। नदियों में बहकर दूर-दराज इलाकों तक पहुंच रहे शवों की पहचान में मुश्किल हो रही है। वहीं परिजन अपनों की तलाश में जुटे है।
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद स्थिति अत्यंत भयावह और दिल दहला देने वाली हो गई है। लगातार मिलती लाशों के कारण देश भर के मुर्दाघर (मोर्चरी) पूरी तरह भर चुके हैं, जिससे शवों को सुरक्षित रखने और उनकी पहचान करने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मानवीय त्रासदी के बीच इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबरें भी सामने आ रही हैं, जहां आपदा की आड़ में असामाजिक तत्व नदियों में बहकर आ रहे अपनों की लाशों से गहने और कीमती सामान लूट रहे हैं।
भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान में बहे लोगों के शव बहाव के साथ दर्जनों किलोमीटर दूर रसुवा और नुवाकोट से बहकर चितवन, तनहुं, नवलपरासी और पोखरा तक पहुंच रहे हैं। अस्पतालों की क्षमता खत्म होने के कारण नुवाकोट, धाडिंग और नवलपरासी से शवों को पड़ोसी जिलों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
भरतपुर में 250 शवों की क्षमता वाला अस्थायी केंद्र
नेपाल त्रासदी में अब तक 626 से ज्यादा शव बरामद किए जा चुके है। चितवन में बरामद शवों की संख्या अस्पतालों की मोर्चरी क्षमता (30 से 50 शव) से काफी अधिक हो गई है। त्रिशूली और नारायणी नदियों के तटीय इलाकों से दर्जनों शव मिलने के बाद प्रशासन ने आपात कदम उठाए हैं।
चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश अर्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में भरतपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी-10 के ‘इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट’ की खाली इमारत को अस्थायी मोर्चरी में बदलने का निर्णय लिया गया है। इस केंद्र में लगभग 250 शवों को रखा जा सकेगा। तापमान को नियंत्रित करने के लिए एयर कंडीशनर और शवों को सड़ने से बचाने के लिए ‘ड्राई आइस’ (शुष्क बर्फ) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
टनल रेस्क्यू और मेडिकल टीम भेज रहा भारत
नेपाल में हाल की त्रासदी के बाद भारत ने मानवीय सहायता का दायरा और बढ़ाने का फैसला किया है। भारत की ओर से राह सामग्री की दो खेप लेकर विमान नेपाल के लिए रवाना हो चुके है जबकि राहत सामग्री की तीसरी खेप शुक्रवार शाम भेजी गई।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और मुख्य प्रवक्त रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेपाल के अनुरोध पर भारत टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पहले एक रेकी टीम को नेपाल भेजा जा रहा है, जो मौके पर स्थिति का आकलन करने के साथ यह भी तय करेगी कि बचाव अभियान के लिए किस तरह के उपकरणों की जरूरत होगी। इसके अलावा भारत एका मेडिकल टीम भी नेपाल भेज रहा है।
अपनों की तलाश में भटकते परिजन
काठमांडू में नेपाल में भयानक अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों के रिश्तेदार त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में अपने अपनों को ढूंढ रहे हैं, जबकि बचाव और पहचान का काम जारी है।
परिवार वाले अस्पतालों में जमा होकर बचे हुए लोगों और मृतकों की लिस्ट देख रहे हैं और उन लोगों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बाढ़ के बाद से लापता अपनों की तलाश में रसुवा, नुवाकोट और गोरखा से सैकड़ों लोग चितवन और आसपास के इलाकों में पहुंच रहे हैं।
