
उज्जैन। रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन प्रवास धार्मिक आस्था और बहनों के स्नेह से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश तथा सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर में पूजन पंडित मनीष उपाध्याय ने संपन्न कराया। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अंगारेश्वर महादेव मंदिर से विशेष जुड़ाव रहा है और वे समय-समय पर यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अब अंगारेश्वर महादेव मंदिर परिसर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की दिशा में भी विकास कार्य किए जाएंगे। मंदिर परिसर को बेहतर स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
अंगारेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, संभाग आयुक्त आशीष सिंह और आईजी राकेश गुप्ता सहित प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महाकाल मंदिर और नगर निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए यह अवसर विशेष रहा।
सामुदायिक पुलिस केंद्र में बांधी राखी
धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सामुदायिक पुलिस केंद्र पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में बहनें मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद थीं। सैकड़ों बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी बहनों का आशीर्वाद लिया और उनके सुख-समृद्धि की कामना की। बहनों ने मुख्यमंत्री को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन का उत्सव मनाया। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां महाकाल मंदिर में सेवाएं देने वाली महिला कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला कर्मियों, स्वच्छता कार्य में जुटी महिला कर्मचारियों तथा नगर निगम की महिला स्वच्छता कर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी्र।
मंदिरों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री की मंशाअनुसार उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। शहर और आसपास के एक दर्जन से अधिक प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प और विकास की योजना तैयार की गई है। इसके लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा टेंपल बॉन्ड योजना के माध्यम से वित्तीय संसाधन जुटाए जा रहे हैं। विकास कार्यों के लिए करीब 648 करोड़ रुपए का ऋण लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मंदिरों के विकास के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक स्थलों का बेहतर सौंदर्यीकरण करना है।
