
अनूपपुर। नेपाल में कुदरत के कहर और भीषण जल त्रासदी के बीच फंसी मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा की दो बेटियां पलक माझी और पल्लवी माझी पूरी तरह सुरक्षित निकाल ली गई हैं। मध्य प्रदेश शासन और केंद्र सरकार के समन्वय तथा त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन की बदौलत दोनों बहनों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थान ‘पोखरा’ पहुंचा दिया गया है। अनहोनी की आशंका से थर्रा रहे परिजनों और क्षेत्रवासियों ने बेटियों की सकुशलता का समाचार मिलते ही राहत की सांस ली है।
ग्वालियर से दोस्तों के साथ 21 अगस्त को निकली थीं नेपाल
कोतमा निवासी मंजू माझी की बेटियां पलक और पल्लवी ग्वालियर में रहकर अपनी पढ़ाई और नौकरी कर रही हैं। रक्षाबंधन और छुट्टियों के अवसर का लाभ उठाते हुए दोनों बहनें 21 अगस्त को ग्वालियर में साथ पढ़ने और काम करने वाले अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ नेपाल भ्रमण पर निकली थीं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन नेपाल पहुंचते ही अचानक बिगड़े मौसम, मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण पूरा इलाका जलमग्न हो गया और यह दल वहीं फंसकर रह गया।
23 अगस्त से कट गया था संपर्क, परिजन थे परेशान
परिजनों के अनुसार, 23 अगस्त तक तो बेटियों से बातचीत हुई, लेकिन उसके बाद अचानक उनका मोबाइल संपर्क पूरी तरह कट गया। शुरुआत में परिजनों ने इसे नेटवर्क की सामान्य समस्या या इंटरनेशनल रोमिंग की वजह माना। हालांकि, जैसे ही बुधवार को नेपाल में आई भयंकर तबाही और तबाही के खौफनाक मंजर की खबरें मीडिया में तैरने लगीं तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। लगातार संपर्क साधने की नाकाम कोशिशों के बाद परिवार गहरे सदमे में आ गया और उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई।
प्रशासनिक मुस्तैदी से हुआ रेस्क्यू, पूरे कोतमा में खुशी की लहर
मामले की जानकारी मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आया और भारतीय विदेश मंत्रालय व नेपाल स्थित दूतावास से संपर्क साधा गया। राहत एवं बचाव टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पलक और पल्लवी समेत उनके पूरे ग्रुप को आपदाग्रस्त इलाके से सुरक्षित निकालकर पोखरा के राहत शिविर/सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
दोनों बहनें पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने अपने परिजनों से बात कर खुद के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। परिजनों ने बताया कि दोनों बेटियां शनिवार को पोखरा से भारत के लिए रवाना होंगी और जल्द ही अपने गृह नगर कोतमा पहुंचेंगी।
