जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मेघा पुरोहित की अदालत ने बारह साल पहले चबूतरे से शिवलिंग व नंदी महाराज हटाकर छिपा दिए जाने के आरोपी जबलपुर निवासी राशन दुकान संचालक पप्पू पहलवान को दोषमुक्त कर दिया है।आरोपी की ओर से अधिवक्ता जीएस ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अधारताल पुलिस ने 2014 में नागभूषण विश्वकर्मा की शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध किया था। महज संदेह के आधार पर पप्पू पहलवान को आरोपी बनाया गया था। इस वजह से स्थानीय राजनीति में सक्रिय उसके पुत्र जाफर सहित पूरे परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ऐसा दाग लगा, जिससे पिछले 12 वर्ष से पूरा परिवार हलकान है।
अभियोजन पप्पू पहलवान पर लगाए गए आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने में विफल रहा है। अभियोजन के अनुसार दो दिसंबर 2014 की रात करीब 12 बजे सम्मति नगर, अधारताल में नागभूषण विश्वकर्मा के मकान के सामने गृह निर्माण समिति की जगह पर बने शंकरजी के चबूतरे पर स्थापित शिवलिंग की पिंडी, जिलहरी और नंदी महाराज गायब हो गए थे। पप्पू पहलवान पर संदेह के कारण नामजद शिकायत की गई थी।
