जबलपुर: व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड संध्या गर्ग की अदालत ने एक मामले में वादी के पक्ष में राहतकारी अंतरिम आदेश पारित करते हुए मकान के सामने स्थित आम रास्ते को दीवार बनाकर बंद करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि मामले के अंतिम निर्णय तक वे उक्त रास्ते में ईंट की दीवार बनाकर अथवा किसी अन्य तरीके से आवागमन में अवरोध उत्पन्न नहीं करेंगे।
दरअसल, ठक्कर ग्राम बाबा टोला निवासी मुकेश जाटव की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि वादी जिस मकान में निवास करता है, उससे संबंधित सभी दस्तावेज उसके पास उपलब्ध हैं। मकान के सामने आने-जाने के मार्ग का उल्लेख नक्शे में भी है। आवेदक की ओर से दलील दी गई कि इसके बावजूद प्रतिवादी सुरेश जाटव और रोशनी जाटव आम रास्ते को ईंट की दीवार खड़ी कर बंद करने का प्रयास कर रहे हैं। वादी द्वारा मना करने पर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। आरोप है कि मारपीट के बाद जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसकी शिकायत हनुमानताल थाने में की गई है।
वादी की ओर से आशंका जताई गई कि यदि रास्ते पर दीवार बनाने से नहीं रोका गया तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा और गंभीर परेशानी उत्पन्न होगी। अदालत ने परिस्थितियों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए अंतिम निर्णय तक अंतरिम राहत प्रदान की और रास्ते पर किसी भी प्रकार का अवरोध खड़ा करने पर रोक लगा दी।
